नोएडा

डीएम सुहास एलवाई का मोबाइल नंबर हैक, एफआईआर दर्ज करने में यूपी पुलिस ने लगा दिया एक साल से ज्यादा

गौतमबुद्ध नगर के डीएम के सीयूजी नंबर को हैक कर प्रयागराज के डीएम को फोन करने का मामला सामने आया है। डीएम ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में 30 अगस्त 2020 को की थी, लेकिन साइबर क्राइम थाने ने डीएम की शिकायत दर्ज करने में भी एक साल से अधिक समय लगा दिया। एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह के आदेश पर पर 8 नवंबर एफआईआर दर्ज की गई।

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Dec 13, 2021

नोएडा. साइबर क्राइम पुलिस के लिए सिरदर्द बनता जा है। हैकर्स ने जहां पीएम मोदी का ट्विटर हैक कर पुलिस को चुनौती दी है। वहीं, अब गौतमबुद्ध नगर के डीएम के सीयूजी नंबर को हैक कर प्रयागराज के डीएम को फोन करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद डीएम प्रयागराज ने डीएम सुहास एलवाई से संपर्क किया। इस पर डीएम सुहास एलवाई डीएम प्रयागराज को बताया कि इस प्रकार का कोई फोन नहीं किया गया। इसकी पूरी जानकारी के लिए प्रयागराज के डीएम से स्क्रीनशॉट भी मंगवाया। इस मामले में डीएम ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में 30 अगस्त 2020 को की थी, लेकिन साइबर क्राइम थाने ने डीएम की शिकायत दर्ज करने में भी एक साल से अधिक समय लगा दिया। यूपी साइबर सुरक्षा के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह के आदेश पर पर आठ नवंबर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गौतमबुद्ध नगर के डीएम के सुहास एलवाई ने बताया कि पिछले वर्ष 29 अगस्त को अज्ञात व्यक्ति ने उनके पुराने सीयूजी नंबर 9454417564 को हैक कर प्रयागराज के तत्कालीन डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के सीयूजी नंबर 9454417517 पर फोन किया था। इसके बाद डीएम प्रयागराज ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने डीएम प्रयागराज को बताया कि इस प्रकार का कोई फोन उनकी तरफ से नहीं किया गया है। इसकी पूरी जानकारी के लिए प्रयागराज के जिलाधिकारी से इसका स्क्रीनशॉट मंगवाया। डीएम ने कहा कि जिस सीयूजी नंबर से डीएम प्रयागराज को फोन किया गया था। उस सीरीज का नंबर पुराना था। अब नए सीयूजी नंबर चल रहे हैं। डीएम ने मामले की शिकायत 30 अगस्त 2020 को साइबर थाने में की थी।

साइबर थाना प्रभारी बोले- तत्काल शुरू कर दी गई थी जांच

साइबर क्राइम थाने ने डीएम की शिकायत को भी दर्ज करने में एक साल से अधिक समय लगा दिया। साइबर थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी थी। जांच आख्या के बाद एसपी साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह के आदेश पर पर 8 नवंबर प्राथमिकी दर्ज की गई है। यूपी साइबर सुरक्षा के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि मामले में विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है।

कॉल स्पूफिंग के जरिये फोन करने की आशंका

एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने आशंका जताई है कि कॉल स्पूफिंग के जरिये फोन किया गया है। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसका अज्ञात व्यक्ति किसी और का मोबाइल नंबर इस्तेमाल करके किसी और को फोन कर सकता है। साइबर अपराधियों ने सीयूजी नंबर को हैक कर फोन किया था, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

Published on:
13 Dec 2021 09:56 am
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