उत्तर प्रदेश के नोएडा के बाद अब इस शहर में भी चालक रहित मेट्रो चलाने की तैयारी शुरू हो गई है
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा के बाद अब इस शहर में भी चालक रहित मेट्रो चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपी गई है, जिसमें इस बात को साफ किया गया है। यह डीपीआर फेज तीन की मेट्रो लाइन के लिए दी गई है।
मजेंटा लाइन पर पहले शुरू होगी ड्राइवर लेस मेट्रो
दरअसल, अभी तक तो केवल मेट्रो की मजेंटा लाइन के ही ड्राइवरलेस होने की बता सामने आई थी। जनकपुरी से बॉटेनिकल गार्डन तक हाल ही में शुरू हुई मजेंटा लाइन के भविष्य में ड्राइवरलेस होने की बात की जा रही है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। मजेंटा लाइन के अलावा अब नोएडा-वैशाली टू मोहननगर के फेज तीन कॉरिडोर पर भी चालक रहित मेट्रो चलेगी। इसका संचालन डीएमआरसी के सेंट्रल कंट्रोल रूम से होगा। बताया जा रहा है कि इस कॉरिडोर की निगरानी का सिस्टम भी ऑटोमेटिक होगा।
शासन को भेजी गई डीपीआर
फेज तीन के इस कॉरिडोर की डीपीआर डीएमआरसी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को सौंप दी है, जिसे अथॉरिटी की तरफ से शासन को भेज दिया गया है। जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी का कहना है कि डीपीआर में ड्राइवरलेस मेट्रो की बात है। इतना ही उनका कहना है कि फेज तीन का यह कॉरिडोर हाईटेक होगा। इस डीपीआर में पहले केंद्र सरकार की तरफ से 20 फीसदी और जीडीए की ओर से 80 फीसदी फंडिंग की बात की गई थी। इस जीडीए की आपत्ति के बाद अब फैसला शासन स्तर पर लिया जाएगा।
साहिबाबाद में बनेगा जंक्शन
डीपीआर के मुताबिक, फेज तीन का नोएडा-वैशाली टू मोहन नगर कॉरिडोर का रूट 10.17 किलोमीटर लंबा है। इस पर आठ-आठ कोच की मेट्रो दौड़ाने की योजना है। इस रूट पर नोएडा सेक्टर-62, इंदिरापुरम वैभव खंड, शक्ति खंड और वसुंधरा सेक्टर-पांच पर स्टेशन बनेगा। वैशाली टू मोहननगर मेट्रो रूट की लंबाई 5.06 किलोमीटर है। इस रूट पर वैशाली, प्रहलादगढ़ी, वसुंधरा सेक्टर-14, साहिबाबाद और मोहननगर स्टेशन होंगे। इसके अलावा दोनों कॉरिडोरों के लिए साहिबाबाद में जंक्शन बनेगा।
80 की स्पीड से दौड़ेगी मेट्रो
फेज तीन की इस मेट्रो में की अधिकतम गति अभी 80 की बताई जा रही है जबकि मिनिमम स्पीड 33 कमी प्रति घंटा तय की गई है। इस रूट पर एक ट्रेन में करीब 2352 यात्री सवार हो सकेंगे। डीपीआर में नोएडा से वसुंधरा-सेक्टर 14 और वैशाली से मोहनगर मेट्रो कॉरिडोर पर 2021 और 2051 में सफर करने वाले लोगों की संख्या का अनुमान भी लगाया गया है।