चुनाव की आहट से ठंडे बस्ते से पड़े प्रोजेक्टों के दिन फिरे
नोएडा. 2019 से पहले मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, हार्ट ऑफ सिटी में बसे बॉटेनिकल गार्डन को केंद्र सरकार द्वारा फिर से दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का एक चरण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसका शनिवार को पुनः शिलान्यास किया गया। इस मौके पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री एवं पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा मौजूद थे।
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चुनाव 2019 की आहट के साथ ही सरकार ने उन प्रोजेक्टों पर ध्यान देना शुरू कर दिया, जिनको उपलब्धि बताकर जनता का विश्वास जीता जा सके। बता दें कि बॉटेनिकल गार्डन ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसको केंद्र सरकार द्वारा पुनः विकसित किया जा रहा है। बॉटेनिकल गार्डन को पुनरक्षित करने में करीब 390 करोड़ रुपए का खर्च आएगा और इसे पूरा करने का लक्ष्य एक साल रखा गया है। यानि भाजपा इसे चुनाव में अपनी उपलब्धि बताकर जनता के सामने पेश कर सकेगी। डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि आजाद भारत का यह पहला बॉटेनिकल गार्डन है, जिसको केंद्र सरकार द्वारा पुनः विकसित किया जा रहा है। बॉटेनिकल गार्डन को पुनरक्षित करने में करीब 390 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
इस मेगा परियोजना का पहला चरण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इस कायाकल्प के दौरान गार्डन में लैंड स्केपिंग की जाएगी। साथ ही जीन बैंक, बीज बैंक, हरबेरियम, आर्किड हाउस, कैक्टस हाउस, नर्सरी, रिसर्च हाउस, अकेडमिक गैलरी का निर्माण किया जाएगा। इस गार्डन में वर्चुअल म्यूजियम का भी निर्माण करवाया जाएगा, जिससे यहां घूमने के लिए आने वालों को आयुर्वेद और दुर्लभ पेड़-पौधों के बारे में जानकारी मिलेगी। कोशिश होगी कि यह गार्डन कंप्लीट होने के बाद हमारे देश की अमूल्य धरोहर बन सके और इसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों लोग नोएडा आएं। इसके विकास की फाइल पिछले 20 सालों से अलमारियों में अटकी हुई थी, जिसे अब बड़े प्रयासों के बाद बाहर निकलवाकर मूर्तरूप दिलवाया गया है।
पूरी परियोजना 3 साल में पूरी होगी। इस गार्डन के बन जाने से यह दिल्ली-एनसीआर के बड़े पर्यटन केंद्रों में शुमार हो जाएगा। यह दिल्ली एनसीआर की सबसे बड़ी बॉटनिक गार्डन परियोजना है।