नोएडा

कोर्ट के आदेश पर Monty Chadha समेत Wave Group के 4 डायरेक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज

Highlights: -पीड़ित ने वेव ग्रुप में बुक कराए थे ऑफिस स्पेस -कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-20 थाने में केस दर्ज -पुलिस आरोपों के आधार पर जांच में जुटी

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Nov 10, 2020

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। एक समय पर लिकर किंग के नाम से प्रसिद्ध हुए पोंटी चड्ढा के बेटे मनप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ मोंटी समेत वेव ग्रुप के 4 डायरेक्टरों और फाइनेंस हेड के खिलाफ 50 लाख की धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल, गौतमबुद्ध नगर जिला कोर्ट के आदेश पर थाना सेक्टर-20 में सोमवार की देर रात एफआईआर दर्ज की गई है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

याची के अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2012 में वेव मेगा सिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने नोएडा के सेक्टर-25 में वेव बिजनेस टॉवर-1 के नाम से प्रोजेक्ट को लांच किया था। जिसमें नोएडा के सेक्टर-25 में रहने वाले पीयूष शर्मा ने अपनी मां सविता शर्मा और भाई धनंजय शर्मा के नाम से ऑफिस स्पेस नंबर-3जी, 827-डी बुक किए थे। जिनकी पजेशन 2018 तक दिए जाना था। तब ऑफिस स्पेस का सौदा 6500 रूपये प्रति वर्ग फिट की दर से तय हुआ था। 5 अप्रैल 2013 को पीयूष शर्मा ने सात लाख रुपये का चेक बिल्डर को दिया था। जिसके बाद ऑफिस का क्षेत्र बढ़ाकर 848.4 वर्ग फिट कर दिया गया था। जिसकी एवज में पीयूष शर्मा, मां सविता शर्मा और धनंजय शर्मा ने कई बार में 50,06,597 रुपये का भुगतान बिल्डर को कर दिया था।

आरोप है कि वेव ग्रुप के उक्त लोगों ने 2018 में पीयूष शर्मा की मां सविता शर्मा और भाई धनंजय को साइट ऑफिस पर बुलाया और उनसे कहा कि उक्त प्रोजेक्ट का रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। जिसके चलते यह प्रोजेक्ट अब नहीं बन सकता। उनकी प्रॉपर्टी को मेट्रो मार्ट प्रोजेक्ट में शिफ्ट कराने का ऑप्शन दिया गया। जिस पर पीड़ित तैयार हो गए। पीड़ित ने मेट्रो मार्ट प्रोजेक्ट में 365 वर्ग फिट एरिया 17,600 रुपये की दर से बुक कराया। जिसके लिए कुल 64,24,000 रुपये का भुगतान किया जाना था। उनके द्वारा 50,06,597 रूपये भुगतान पहले ही किया जा चुका है। शेष 13,24,000 रूपये का भुगतान कब्जे के समय दिया जाना तय हुआ।

पीड़ित पीयूष शर्मा का कहना है कि उन्हें इस प्रोजेक्ट में जनवरी 2020 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम तक शुरू नहीं किया गया है। काम के नाम पर सिर्फ गड्ढा खोद दिया गया है। जब उन्होंने बिल्जर से अपने पैसे मांगे तो उक्त लोगों ने इंकार कर दिया और उन्हें चक्कर लगवाने लगे। साथ ही उनसे अभद्रता की गई। आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मनप्रीत सिंह चड्ढा, चरणजीत सिंह, हरमान सिंह खण्डारी और नारायण झा के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 467, 468, 471, 504 और 506 के तहत के दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Published on:
10 Nov 2020 03:19 pm
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