नोएडा

Coronavirus के केस मिलने के बाद पहली बार Drone से कराया गया सैनिटाइजेशन, हैरान करने वाली है वजह

Highlights: -बीते दिनों नोएडा सेक्टर-5 में झारखंड से आया एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था -वह सेक्टर-5 और 8 की झुग्गी-बस्तियों में लगभग 200 लोगों के संपर्क में आया था -मंगलवार की रात संभावित कोरोना संदिग्ध 200 लोगों को क्वारंटाइन किया गया था
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Updated: 10 Apr 2020, 12:07 PM IST
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नोएडा। शहर के औद्योगिक इलाके सेक्टर-8 में बीते दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज पाए जाने के बाद प्रशासन ने समूचे इलाके को सेनिटाइज कराया है। इसके लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि झुग्गी बस्ती के भीतर का रास्ता बेहद संकरा होने के कारण गाड़ियों से सेनिटाइज करना संभव नहीं था।

दरअसल, बीते दिनों नोएडा सेक्टर-5 में झारखंड से आया एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जांच में पता चला कि वह सेक्टर-5 और 8 की झुग्गी-बस्तियों में लगभग 200 लोगों के संपर्क में आया था। मंगलवार की रात संभावित कोरोना संदिग्ध 200 लोगों को क्वारंटाइन किया गया था। उसके बाद गुरुवार को सेक्टर-8 की झुग्गी बस्ती को सेनिटाइज करने का काम शुरू किया गया। गलियां बेहद संकरी होने के कारण पूरी बस्ती में मशीनों से सेनिटाइजेशन का काम संभव नहीं था। इसके लिए शहर में सेनिटाइजेशन के लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी का कहना था कि ड्रोन की सहायता से पूरे इलाके को प्रभावी ढंग से सेनिटाइज किया जा सकेगा। गलियों में गाड़ियां ले जाने का कोई जरिया भी नहीं है। ऐसे में सेनिटाइजेशन का काम संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि ड्रोन न सिर्फ घरों की छतों पर, बल्कि संकरी गलियों में भी घूमकर पूरे इलाके को प्रभावी ढंग से सेनिटाइज किया है। इस दौरान मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल को भी तैनात किया गया था।

Updated on:
10 Apr 2020, 12:07 PM IST
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