भारत में भी तेजी से बढ़ रहे इस खेल के शौकीन
नोएडा।अक्सर आप ने पति-पत्नी के बीच पति को सिगरेट या शराब की लत होने पर रिश्तों को टूटते देखा आैर सुना होगा।गांव से लेकर शहर तक बहुत सी महिलाएं इसकी शिकार बनी है। वहीं अब जैसे जैसे हम टेक्नोसेवी होते जा रहे है।हर समय मोबाइल आैर लैपटाॅप की टच में रहने से मनोरंजन के लिए आॅनलाइन गेम्स खेलते है।एेसे में उनकी आॅनलाइन गेस्त में खासी दिलचस्पी बन जाती है, लेकिन अगर आप शादीशुदा है आैर आॅनलाइन गेम खेल रहे है, तो सावधान हो जाइए। कहीं एेसा न हो इस आॅनलाइन गेम के चक्कर में आपका पत्नी से तलाक हो जाये। इसकी वजह आॅनलाइन चल रहा फोर्टनाइट बैटल रोयाल नामक आॅनलाइन गेम है।जो जाने-अनजाने में पति-पत्नी के बीच दरार डाल रहा है। इस की वजह हाल ही में सामने आर्इ एक रिपोर्ट है।जिसमें कहा गया है कि इस गेम को खेलने की वजह से भारत में करीब 200 लोगों का तलाक हो चुका है।वहीं अन्य देशों में इसकी संख्या कही ज्यादा है।
विदेशों से भारत में कर रहा एंट्री, इतने लोगों का हुआ तलाक
यह आॅनलाइन गेम फोर्टनाइट बैटल रोयाल ज्यादातर बाहरी देश ब्रिटेन समेत अन्य देशों में चल रहा है। लेकिन अब धीरे धीरे इसके पांव भारत में भी फैलने लगे है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो इस साल २०१८ में भारत में इस गेम को खेलने की वजह से करीब २०० से अधिकार परिवार टूट चुके है। इसकी वजह शराब आैर सिगरेट की तरह ही पति या पत्नी को इस गेम की लत होना है। जो पति-पत्नी के जीवन में दूरियां पैदा कर रहा है।वहीं ब्रिटेन जैसे देश में इस गेम से तलाक होने की संख्या हजारों में है। इसकी वजह से यहां चेतावनी भी जारी कर दी है।
एेसे खेला जा रहा है यह गेम
दरअसल फोर्टनाइट बैटल रोयल नाम का यह आॅनलाइन गेम एक मनहूस द्वीप पर खूद का अस्तित्व बनाए रखने की जद्दोजहद से जुड़ा है।इसे खेलने के लिए खिलाड़ी को खुद का ऑनलाइन अवतार तैयार करना पड़ता है।यह गेम 100 खिलाडि़यों से शुरू होता है।अलग-अलग टास्क पूरा कर खुद को जिंदा रखने की चुनौती होती है।यहीं वजह है कि एक बार इस गेम की लत लगने पर युवक इसमें डूब जाते है। जिसकी वजह से विवाहिक जीवन में यह दरार पैदा कर रहा है।
बहुत ही खातक है एेसे गेम भारत में पहले भी जा चुकी है जाने
वहीं साइबर एक्सपर्ट किसल्य चौधरी बताते है कि बहुत सारे गेम एेसे है।जो बिना लाइसेंस आैर बैन होने के बावजूद भी भारत में चल रहे है।यह गेम एंड्राॅयड फोन से लेकर अन्य आॅनलाइन तरीको से डाउनलोड किया जा रहे है।इसकी लती होने पर लोग इनके शिकार हो जाते है।इसके लिए सरकार को एक बड़ा कदम उठाना होगा।इसके लिए सरकार को सर्वर पर अलर्ट करने के साथ ही कंपनियों के साथ बैठक कर इस तरह के गेम पर नोटिफिकेशन जनरेट का एक नोटिस देना चाहिए।ट्रायल बेस कर सही मिलने पर इसे आगे रण करना चाहिये।अन्य था इनको बंद कराना देना चाहिये।अब तक ब्लूव्हेल समेत अन्य कर्इ आॅनलाइन गेमों की वजह से भारत में भी कर्इ बच्चों की जान जा चुकी है।