सपा और बसपा का गठबंधन फाइनल होने के बाद अब रालोद भी इसका हिस्‍सा बनते हुए दिख रही है
नोएडा। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गठबंधन फाइनल होने के बाद अब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) भी इसका हिस्सा बनते हुए दिख रही है। इसको लेकर रालोद मुखिया अजित सिंह और पार्टी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी संकेत दे चुके हैं बस सीट को लेकर बंटवारा होना बाकी है। इस बीच वेस्ट यूपी की सीटों को लेकर भी कयास लगने शुरू हो गए हैं। इसको लेकर कई दिग्गजों के पार्टी बदलने की भी चर्चा है।
ये सीटें जा सकती हैं बसपा के खाते में
सपा और बसपा गठबंधन के बाद माना जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गौतबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, अमरोहा, बुलंदशहर और अलीगढ़ सीटें बसपा के खाते में जा सकती हैं। रालोद के शामिल होने से पहले मुजफ्फरनगर भी बसपा के खाते में दिख रही थी लेकिन रालोद के भी गठबंधन में आ जाने के बाद यह सीट रालोद के पास जाते दिख रही है। वहीं, इस गणित को देखते हुए कई नेता भी पाला बदलते हुए दिख रहे हैं।
पिछला चुनाव लड़ा था रालोद के टिकट पर
इन्हीं में से एक नाम पूर्व बाहुबली विधायक श्री भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित का नाम भी सामने आ रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में गु्ड्डू पंडित ने रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उसमें उन्हें हार का सामान करना पड़ा था। अब वह अलीगढ़ से लोकसभ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया था कि उन्हें फोन और फेसबुक पर जान से मारने की धमकी मिल रही है। वह अलीगढ़ से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुंदर भाटी गैंग के गुर्गे और मधुमिता हत्याकांड में जेल में बंद पीपी पांडेय पर धमकी देने आरोप लगाया था। पीपी पांडेय गोरखपुर जेल में बंद है। गुड्डू पंडित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें चुनाव लड़ने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वह अलीगढ़ से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
पहले भी रह चुके हैं बसपा में
अब चर्चा चल रही है कि गुड्डू पंडित रालोद छोड़कर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह बसपा के पदाधिकारियों के संपर्क में भी हैं। आपको बता दें कि गुड्डू पंडित ने 2007 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा था। उन्होंने बसपा के टिकट पर डिबाई विधानसभा सीट से कल्याण सिंह के बेटे को हराया था। 2012 के अगले विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और कल्याण सिंह के बेटे राजू को हराया था। विधान परिषद के चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था।