मोदी सरकार ने सवर्ण समाज के पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण (reservation for upper caste) देने की घोषणा कर दी है।
नोएडा। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने सवर्ण समाज के पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण (reservation) देने की घोषणा कर दी है। जिसके बाद मंगलवार को संसद के निचले सदन लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक (constitution amendment bill) का बिल पेश किया गया। जिसे पास कराने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कोशिश जारी है। वहीं विपक्षी पार्टियां इसे लेकर सरकार को घेरने में लगी हुई हैं और इसे (reservation for upper caste) चुनाव से पहले सवर्ण समाज के लोगों को लुभाने के लिए महज एक लॉलीपाप करार दे रही हैं।
ये होगा आरक्षण का फॉर्मूला
वहीं जानकारों का कहना है कि यदि संविधान संशोधन विधेयक संसद में पास हो जाता है तो इसके बाद अगड़ी जातियों को भी सरकारी नौकरी व शैक्षणिक संस्थानों में दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। बताया जा रहा है कि यह आरक्षण का फॉर्मूला 50%+10% का होगा।
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आरक्षण का लाभ लेने को ये कागजात जरूरी
इस सबके बीच अब सवर्ण समाज के लोगों में यह भी चर्चा का विषय है कि अगर संविधान में संशोधन के बाद उन्हें आरक्षण मिल जाता है तो उसका लाभ किस तरह लिया जा सकेगा। इसके लिए एडवोकेट अजीत सिंह कहते हैं कि आरक्षण का लाभ लेने के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत होती है। इनमें जाति प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बीपीएल कार्ड, बैंक पास बुक और इनकम टैक्स रिटर्न शामिल है।
वेतन इतने से होगा कम तो ही मिलेगा आरक्षण
जानकारी के मुताबिक सवर्ण समाज के लोगों में जिनकी सालाना आमदनी 8 लाख से कम होगी उन्हें ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा खेती की जमीन भी 5 एकड़ से कम होनी चाहिए। वहीं इस आरक्षण का लाभ सिर्फ वही सवर्ण पा सकेंगे, जिनके पास आवासीय भूमि एक हजार वर्ग फीट से कम होगी।