नोएडा

International Yoga Day: एकाग्रता बढ़ाने के साथ ही हृदय और फेंफड़ाें को ठीक करते हैं ये प्राणायाम

मुख्य बातें पीएम मोदी के ट्वीटर हैंडल से योगा डे के एक दिन पहले ट्वीट की गई दो वीडियो ध्यान और नाड़ीशोधन प्राणायाम की बताई गई प्रक्रिया और फायदें हृदय और शरीर के साथ मस्तिष्क के लिए

3 min read
Jun 20, 2019
International Yoga Day: एकाग्रता बढ़ाने के साथ ही हृदय और फेंफडों को ठीक करते है यह प्राणायाम

नोएडा। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। ऐसे में योग के प्रति लोगों को जागरुक करने और स्वस्थ रखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ट्वीटर पर हर दिन अलग अलग योगासन का एक एनिमेटिड वीडियो ट्वीट करते हैं। इस वीडियो में योगासन की क्रिया और फायदें भी बताये जाते है। जिसे हर दिन लाखों लोग करते है। गुरुवार को पीएम मोदी के ट्वीटर हैंडल से एक की जगह दो एनिमेटेड वीडियो ट्वीट किये गये। इनमें एक ध्यान और दूसरा नाड़ीशोधन प्राणायाम है। इस वीडियो को कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने देखा। इसके साथ प्राणायाम भी किया। इतना ही नहीं इन दोनों प्राणायाम के लाभ भी एक नहीं कई है।

यहां लोगों ने किये पीएम मोदी द्वारा बताये गये प्राणायाम

पीएम मोदी द्वारा हर दिन ट्वीटर हैंडल से एक अलग अलग योगासन की एनिमेटेड वीडियो ट्वीट की जा गई। जिसे हर दिन हजारों लोगों ने देखकर प्राणायाम किया। इसी को देखते हुए ग्रेटर नोएडा के योग शिक्षक सचिन ने लोगों को नाड़ी शोधन प्राणायाम और ध्यान के विषय में बताया। उन्होंने लोगों को क्रिया सिखाई। इसके साथ ही लोगों को इसके फायदें बताये। बुधवार की तरह गुरुवार को भी लोगों ने योगासन और प्राणायाम किया।

नाड़ी शोधन प्राणायाम

ग्रंथों में 72 हजार नाडिय़ों को शुद्ध करने के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम का वर्णन किया गया है। किसी भी प्राणायाम को शुरू करने से पहले इसे करना उपयोगी है। सूर्याेदय से पहले इसका अभ्यास एकांत और खुले वातारण में करना चाहिए। क्योंकि इस समय वातावरण में शुद्ध हवा मौजूद होती है, जो मुंह से होते हुए फेफड़ों तक जाती है और यहां से हृदय के जरिए रक्त में मिलकर हर अंग तक पहुंचती है।

नाड़ी शोधन प्राणायाम और ध्यान के है मुख्य फायदें

नाड़ी शोधन प्रणायाम को अलोम विलोम भी कहा जाता है। इस प्राणायाम से शरीर में ऊर्जा वहन करने वाली सभी नाडिय़ों का शुद्धिकरण करके पूरे शरीर का पोषण करना है। इसके साथ ही नाड़ी शोधन प्राणायाम हृदय से लेकर फेफडों के लिए बहुत ही लाभकारक है। यह प्राणायाम शरीर के रक्त प्रवाह तंत्र को बेहतर बनाकर हृदय रोगियों को फायदा पहुंचाता है। इसके साथ खांसी, सांस और कफ से जुड़े समस्याओं को दूर करता है। इसके साथ ही ध्यान और नाड़ी शोधन प्राणायाम से एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत होता है। यह दोनों प्राणायाम ध्यान केंद्रित करने और तनाव व बेचैनी को दूर करने में भी बहुत ही लाभदायक है।

ऐसे करें यह प्राणायाम

नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के लिए सुखासन की मुद्रा में सीधे बैठकर आंखें बंद कर लें। इसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से दाएं नथुने को बंद कर पूरी सांस बाहर निकालें। फिर बाएं नथुने से सांस लें, मध्यमा अंगुली से बाएं नथुने को बंद कर कुछ देर सांस को क्षमतानुसार अंदर ही रोक कर रखें। अब दायां अंगूठा हटाकर सांस को धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। 1-2 सेकंड सांस को बाहर छोड़ें। इस प्रक्रिया को दाएं नथुने से भी दोहराएं। इस एक चक्र को 5-7 मिनट करें। इसे खाली पेट करें। इसे करने के दौरान मुंह से सांस न लें। जल्दबाजी न करें।

Published on:
20 Jun 2019 05:31 pm
Also Read
View All