हुकुम सिंह के निधन के बाद भाजपा न तो लोकसभा सीट बचा पायी थी और न ही उनके सांसद बनने के बाद विधानसभा सीट।
नोएडा। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर से सभी पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं। केंद्र और प्रदेश की में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी भी अपने कार्यकर्ताओं को लगातार कार्यशालाओं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे रही है। आपको बता दे कि गत 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अपने राजनीतिक इतिहास का सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 80 सीटों में से 73 सीटों पर कब्जा जिसमें उसके सहयोगी अपना दल की भी दो सीटें शामिल थीं।
हालांकि बाद में गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में विपक्षी पार्टियों द्वारा महागठबंधन करने के बाद भाजपा को इन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इनमें सबसे सबसे बाद में कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव हुआ था। जिसमें भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
उसके बाद भी उसकी प्रत्याशी मृगांका सिंह को चालीस हजार से भी ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर भाजपा के लोकसभा दिवंगत सांसद हुकुम सिंह ने 1998 के बाद दूसरी बार कमल खिलाया था। अब हुकुम सिंह का एक उस समय का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच में एक पंचायत के दौरान कुर्सी पर बैठे हुए हैं। बाकी सभी लोग नीचे बैठकर उनको अपनी समस्याएं बता रहे हैं।
यह वीडियो देखकर आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि इलाके में हुकुम सिंह का कितना रसूख था। पंचायत के दौरान सिर्फ हुकुम सिंह के लिए ही एकमात्र कुर्सी डाली गई है, बाकी सभी नीचे बैठे हैं। हुकुम सिंह कैराना विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में वे सांसद चुने गए। फरवरी 2018 में उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा उनकी बेटी को टिकट देने के बाद भी यह सीट नहीं बचा पाई। इसके अलावा उनके सांसद बनने के बाद विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी पार्टी सीट नहीं बचा पाई।