कैराना उपचुनाव में दो लोगों के नाम वापस लेने के बाद अब मैदान में हैं कुल 12 उम्मीदवार
नोएडा। उत्तर प्रदेश के कैराना मे होने वाले उपचुनाव में अब 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। सोमवार को नाम वापसी के दिन दो लोगों ने अपने नामांकन वास ले लिए। इसमें एक नाम तो चौंकाने वाला है जबकि दूसरे को भाजपा नेता ने मना लिया। इससे पहले दो प्रत्याशी पहले ही मैदान से हट चुके हैं।
तबस्सुम के देवर भी हैं मैदान में
आपको बता दें कि 28 मई को होने वाले कैराना लोकसभा उपचुनाव के लिए 16 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिए किए थे। इनमें से भाजपा की तरफ से सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह और रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन भी थीं। इनके अलावा भाजपा के विरोध में उतरे थे वंचित पार्टी के राकेश सैनी। नामांकन के दौरान एक और पर्चा दाखिल हुआ था, जो कैराना से वर्तमान सपा विधायक नाहिद हसन का था। नाहिद तबस्सुम हसन के बेटे हैं। इनके अलावा तबस्सुम के देवर कंवर ने भी पर्चा दखिल किया है।
सपा विधायक ने वापस लिया नाम
साेमवार को सपा विधायक नाहिद हसन और राकेश सैनी ने नाम वापस ले लिया जबकि मीर हसन और योगी महेश शर्मा के पर्चे पहले ही खारिज हो गए थे। नाहिद हसन ने निर्दलीय के रूप में वहां से नामांकन दाखिल किया था। माना जा रहा है कि ऐसा तबस्सुम हसन का पर्चा दाखिल होने की स्थिति में किया गया था। उन्होंने डमी कैंडिडेट के रूप में नामांकन किया था लेकिन सब कुछ ठीक रहने पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद अब मैदान में कुल 12 प्रत्याशी हैं।
रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं तबस्सुम
नााहिद हसन की मां तबस्सुम हसन यहां से बसपा के टिकट पर सांसद रह चुकी हैं। वह रालोद के टिकट पर उपचुनाव मे उतरी हैं। समाजवादी पार्टी भी उनको समर्थन कर ही है जबकि बसपा ने अभी इस मामले में अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं, हुकुम सिंह की राजनीतिक विरासत संभाल रहीं मृगांका सिंह भी चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं। कभी उनके खिलाफ चुनाव लड़ चुके उनके भतीजे अनिल चौहान भी उनके साथ बताए जा रहे हैं।