LIC jeevan pragati plan : अगर आप भी एलआईसी में छोटा-मोटा निवेश करके बड़ा फंड एकत्रित करना चाहते हैं तो जीवन प्रगति प्लान आपके लिए बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है। जहां आप महज रोजाना 200 रुपये जमा करके 20 लाख रुपये का बड़ा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही रिस्क कवर भी मिलता है।
LIC jeevan pragati plan : भारतीय जीवन बीमा निगम देश की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे भरोसेमंद कंपनी है, जो आपको सुरक्षित निवेश का विकल्प देती है। यही वजह है कि करोड़ों लोग इस पर भरोसा करते हैं। इसी कारण एलआईसी समय समय पर एक से एक बेहतर पाॅलिसी लांच करती रहती है। जहां आप निवेश कर छोटी-छोटी बचत से भी बड़ा फंड जमा कर सकते हैं। एलआईसी जीवन प्रगति प्लान भी कुछ इसी तरह की पॉलिसी है, जिसके तहत आप रोजाना 200 रुपये जमा कर 28 लाख रुपये का रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं जीवन प्रगति पॉलिसी के तहत आपको रिस्क कवर भी मिलता है। तो आइये जानते हैं एलआईसी जीवन प्रगति प्लान की पूरी डिटेल।
LIC jeevan pragati plan लेने के लिए सबसे पहली शर्त भारतीय नागरिक होना जरूरी है। इसका न्यूनतम टर्म 12 वर्ष और अधिकतम 20 वर्ष है। पॉलिसी धारक की अधिकतम आयु 45 साल होनी चाहिए। इस पॉलिसी के तहत मासिक, तिमाही, छमाही या फिर सालाना प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। सम एश्योर्ड के रूप में कम से कम 5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है, वहीं अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। अगर आप पॉलिसी सरेंडर करना चाहें तो 3 साल प्रीमियम भरने के बाद कर सकते हैं। जिस पर आपको मूल्य मिलेगा।
LIC jeevan pragati plan benefits
LIC jeevan pragati plan के तहत आप प्रतिदिन 200 रुपये यानी हर माह 6000 रुपये जमा कर 20 साल में मैच्योरिटी पर पूरे 28 लाख रुपये का रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको इस पॉलिसी में रिस्क कवर भी मिलता है। अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को पॉलिसी की राशि मिलती है। बता दें कि इसकी खास बात ये है कि रिस्क कवर हर पांच साल में बढ़ता जाता है। पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को बीमा राशि के साथ जमा बोनस और फाइनल एडीशन बोनस मिलता है।
LIC jeevan pragati plan death benefits
LIC jeevan pragati plan लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर रिस्क कवर हर पांच साल में बढ़ता जाता है। उदाहरण के तौर पर निवेशक 2 लाख का प्लान लेता है तो नॉमिनी को पहले 5 साल में रिस्क कवर एक सामान मिलेगा। इसके बाद 6 से 10 वर्ष में रिस्क कवर 2.5 लाख रुपये होगा। वहीं, 10 से 15 साल में 3 लाख तो 16 से 20 साल के बीच मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये का कवरेज मिलेगा।