Fire in Cardboard Factory: सीएफ़ओ अरुण कुमार का कहना है कि 10 गाड़ियों की मदद से कई घंटों तक मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कोतवाली पेज वन क्षेत्र में स्थित सेक्टर 8 में एक गत्ते बनाने की फैक्टरी में बुधवार देर रात भीषण आग लग गई। ये घटना उस समय हुई जब फैक्टरी में मजदूर काम कर रहे थे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर फैक्टरी में काम कर रहे 40 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब दस गाड़ियों की मदद से कई घंटों तक मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन इस बीच गोदाम में रखा हुआ लाखों रुपए के कागज का गत्ता जलकर राख हो गया। राहत की बात यह थी कि इस हादसे में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ। फायर ब्रिगेड के अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच और नुकसान का आंकलन करने में जुटे हैं।
पैकेजिंग मैटेरियल बनाने की फैक्टरी में हादसा
जानकारी के मुताबिक रात के अंधेरे में गत्ता बनाने की फैक्टरी से निकलता हुआ धुआं और आग की लपटें बता रहीं थी की आग कितनी भयानक थी। यह आग सेक्टर सेक्टर 8 के एफ 108 में स्थित जे एस एच पैकेजिंग मैटेरियल बनाने की फैक्टरी में लगी हुई है। बता दें की कंपनी में पैकेजिंग के लिए कोरोगेटेड बॉक्स बनाए जाते हैं। गत्ते के बड़े-बड़े रोल में लगी आग पर काबू पाने में दमकल के कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। चीफ फायर ऑफिसर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आग फैक्टरी के सेकंड फ्लोर पर लगी और उसने फर्स्ट फ्लोर के काफी हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। आग जब लगी उस समय फैक्ट्री में 40 मजदूर काम कर रहे थे, उन्हें पहले सुरक्षित निकाला गया। आग दूसरी फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में न ले, इसलिए तत्परता से कार्रवाई करते हुए बड़े हादसे को टाल दिया गया।
हादसे में किसी तरह की हताहत की सूचना नहीं
सीएफ़ओ अरुण कुमार का कहना है कि 10 गाड़ियों की मदद से कई घंटों तक मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। गोदाम में कागज भरा होने की वजह से आग तेजी से फैल गई। आग की जानकारी मिलते ही गोदाम के मालिक और अन्य संबंधित लोग मौके पर पहुंच गए। कागज होने की वजह से आग का दूसरी इमारतों और गोदामों में फैलने की पूरी संभावना थी। मगर दमकल विभाग की तत्परता ने बड़े हादसे को टाल दिया। अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।