नोएडा

गजब- टूटे-फूटे मकान में रहता है यह करोड़पति शख्‍स

मेरठ में है फर्म और मुजफ्फरनगर में रहता है उसका मालिक
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Feb 20, 2018
crorepati

नोएडा। जिस करोड़पति शख्‍स की जांच करते-करते वाणिज्‍य कर विभाग के अधिकारी जब उसके घर पहुंचे तो वहां की हालत देखकर हैरन रह गए। जिस व्‍यक्ति के नाम पर करोड़ों की फर्म खड़ी कर दी गई थी, उसका मकान ही टूटा-फूटा निकला। मामला उत्‍तर प्रदेश के मेरठ का है। जांच में पता चला कि उस करोड़पति शख्‍स के दो वक्‍त के रोटी के भी लाले हैं। पता चला है कि फर्म मेरठ के पते पर है और मालिक मुजफ्फरनगर के मजदूर को दिखाया गया है।

पिछले साल मार्च में की गई थी शिकायत

वाणिज्य कर विभाग के मुताबिक, सारा खेल टैक्‍स चोरी का है। मेरठ के टीपीनगर के पते पर कए फर्म का पंजीकरण कराया गया, जिसका नाम पीएस इंटरप्राइजेज फर्म है। अगस्त 2016 में यह रजिस्‍ट्रेशन कराया गया था। विभाग के अधिकारी ने बताया कि मार्च 2017 में इस फर्म की शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया कि यह फर्म उत्‍तर प्रदेश में मारबल और टाइल्स के लिए फार्म-38 की बिक्री कर रही है।

साइबर क्राइम का भी मामला

शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच की गई, जिसमें पता चला कि जिस पते पर फर्म का रजिर्स्‍टेशन कराया गया है, वहां वह है ही नहीं। जांच के बाद फर्म पर करीब 14 लाख रुपये की रिकवरी डालकर उसका रजिस्‍ट्रेशन कैंसल कर दिया गया। विभाग की टीम जब फर्म के मालिक के पते पर पहुंची तो चौंक गई। फर्म मुजफ्फरनगर जिले की तहसील जानसठ के रहने वाले परवेज के नाम से थी। वहां टूटे-फूटे मकान में रहने वाला परवेज बोला कि उसे दो वक्त की रोटी के भी लाले है। उसकी करोड़ों की फर्म कहां से आ गई।

साइबर सेल को सौंपी जांच

इस मामले में वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि पिछले साल जुलाई से जीएसटी लागू है। यह पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था पर आधारित है। कुछ लोगों द्वारा इस व्यवस्था का दुरूपयोग कर राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है। यह मामला भी ऐसा ही है, जिसमें साइबर क्राइम हुआ है। वाधिज्‍य कर विभाग के पीए एसके शर्मा का कहना है क‍ि जब से जीएसटी लागु हुई है, तब से इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। ऐसी ही कुछ और कंपनियों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले को साइबर सेल को सौंप दिया गया है।

Published on:
20 Feb 2018 04:26 pm