
मेरठ। जिले में एक युवक द्वारा खुद को भाजपा नेता का रिश्तेदार बताकर सिपाही से अभद्रता करने का मामला सामने आया है। सिपाही ने यहां तक आरोप लगाया कि युवक ने उससे मारपीट करके उसकी वर्दी फाड़ दी। वहीं, पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद उसे छोड़ दिया। सिपाही का कहना है कि जाम के दौरान युवक ने उससे मारपीट की और वर्दी फाड़ दी। उसने थाने में तहरीर दी है, जबकि एसपी देहात का कहना है कि सिपाही की वर्दी फाड़ने की बात गलत है। वह खुद कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।
सिपाही से की अभद्रता
आरोप है कि खरखौदा कस्बे में जाम लगने पर स्काॅर्पियो सवार एक युवक ने खुद को भाजपा नेता का रिश्तेदार बताते हुए सिपाही सुशील कुमार से अभद्रता की। खरखौदा थाने के सिपाही सुशील कुमार फैंटम ड्यूटी पर थे। सिपाही का कहना है कि सोमवार शाम को कस्बे में जाम लगा था। इस दौरान एक युवक ने ‘भारत सरकार’ लिखी स्काॅर्पियो गाड़ी सड़क पर खड़ी कर दी। जब उन्होंने उसे ऐसा करने से मना किया तो उसने खुद को भाजपा नेता का रिश्तेदार बताते हुए सिपाही को गालियां दीं। आरोप है कि युवक ने सिपाही से मारपीट कर उसकी वर्दी फाड़ दी और निलंबित कराने की धमकी तक दी।
सत्ता पक्ष के दबाव में युवक को छेाड़ने का आरोप
सूचना मिलने के बाद वहां पुलिस पहुंची और आरोपी को गाड़ी समेत थाने ले गई। वहीं, घटना के बाद भाजपा नेता के समर्थकों ने सिपाही पर गाली देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप है कि बाद में सत्ता पक्ष के एक विधायक के दबाव में पुलिस ने आरोपी को गाड़ी समेत छोड़ दिया। उधर, पीड़ित सिपाही ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस जांच में पता चला है कि युवक भाजपा नेता का रिश्तेदार नहीं है बल्कि उसका एक रिश्तेदार विधायक के साथ रहता है। खरखौदा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार गौतम का कहना है कि युवक ने अभद्रता करने का प्रयास किया था। मारपीट नहीं की है। वहीं, एसपी देहात राजेश कुमार ने कहा कि एक युवक की सिपाही के साथ मामूली नोकझोंक हो गई थी, जिसे पुलिस थाने ले आई। माफी मांगने पर युवक को छोड़ दिया गया। सिपाही की वर्दी फाड़ने की बात गलत है। वह खुद कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।
Published on:
20 Feb 2018 03:47 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
