
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के बाद देशभर में भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद अब एक बार फिर भारत बंद की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। वहीं इसमें दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर मैसेज में तीन दिन के अंदर तीन तारीखों को वायरल किया जा चुका है। 10 अप्रैल को भी भारत बंद करने का अभियान सोशल मीडिया पर छेड़ा गया था। हालांकि यह सिर्फ एक अफवाह ही साबित हुई थी।
कठुआ केस में भारत बंद का मैसेज वायरल
नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इन दिनों वायरल हो रहे मैसेज में कठुआ मामले के दोषियों को सजा दिलाने के लिए भारत बंद करने की अपील की जा रही है। मैसेज में अलग-अलग तारीख को भारत बंद की बात कही जा रही है। इसमें 18,20 और 29 अप्रैल को बंद का मैसेज वायरल किया जा चुका है।
खुफिया विभाग लगा रहा मैसेज की सच्चाई का पता
सूत्रों के मुताबिक वायल हो रहे मैसेज के संबंध में खुफिया विभाग ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीअत उलेमा ए हिन्द, जमीअत इस्लामी हिंद, जमीअत अहले हदीस, मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन, मुस्लिम लीग समेत तमाम जमीअत और तंजीम से संपर्क किया। लेकिन सभी ने भारत बंद की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया।
मुस्लिम संगठन का कहना है कि उन्होंने कोई बंद नहीं बुलाया है। कुछ सिरफिरे लोग इस तरह का दुष्प्रचार कर रहे हैं। इसके साथ ही इस्लामी मदरसा संचालक और इमाम कारी अफ्फान कासमी ने इन मैसेज को गलत और साजिश बताया है।