मनुष्‍यों में निपाह वायरस एनसेफालिटिस से जुड़ा हुआ है। इसकी वजह से दिमाग में सूजन आ जाती है और व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।
नोएडा। पिछले कुछ दिनों से आप लगातार एक बीमारी के बारे में पढ़ या सुन रहे होंगे। वह है ‘निपाह (NiV)’ वायरस। जिसके चलते नोएडा-एनसीआर समेत देशभर लोगों में इसका खौफ फैल गया है। वहीं अब ये वायरस फलों के माध्यम से भी लोगों में फैल सकता है।
चिकित्सकों की सलाह है कि जिस फल को चमगादड़ खाती है उनके संपर्क में आने से यह वायरस किसी भी जीव या इंसान भी प्रभावित हो सकता है। वहीं अगर ऐसा हो जाता है तो यह वायरस जानलेवा बीमारी का रूप ले सकता है। बताया जा रहा है कि यह वायरस तीन फलों में हो सकता है जिन्हें फिलहाल लोगों को नहीं खाना चाहिए। हालांकि अगर कोई इनका सेवन भी करता है तो उसे पहले फल को अच्छे से धो लेना चाहिए।
केरल से शुरू हुए इस निपाह वायरस के चलते नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर को लोगों को भी अलर्ट किया गया है। हालांकि अभी बताया जा रहा है कि वायरस से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन, चिकित्सकों की मानें तो हर किसी को बीमारी फैलने से पहले ही अपने बचाव के उपाय कर लेने चाहिए।
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दरअसल, जानकारों की मानें तो नोएडा-दिल्ली समेत देश के कई शहरों में ज्यादातर केले केरल से ही आते हैं। जबकि निपाह वायरस की पुष्टि देश में सबसे पहले केरल से ही हुई। तो माना जा रहा है कि केरल से आने वाले केले फिलहाल सेहत के लिए सही नहीं हैं। वहीं यह रमजान का महीना चल रहा है। इस महीने में सबसे ज्यादा खजूर खाए जाते हैं और दिल्ली-एनसीआर में आने वाले खजूर बड़ी मात्रा में केरल से ही मंगाए जाते हैं। इसके अलावा आम खाने से पहले उसे अच्छे से धोने की सलाह भी दी गई है।
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क्या है निपाह वायरस के लक्षण
नोएडा के सीनियर फिजिशियन डॉ एन.के शर्मा का कहना है कि मनुष्यों में निपाह वायरस एनसेफालिटिस से जुड़ा हुआ है। इसकी वजह से दिमाग में सूजन आ जाती है। जो व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आ जाए उसे बुखार, सिरदर्द, चक्कर, मानसिक भ्रम, कोमा में जाने की स्थिति हो जाती है। इसके साथ ही उसकी मौत भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि 24 से 28 घंटे में यदि लक्षण बढ़ जाए तो मनुष्य कोमा में जा सकता है। कुछ केस में सांस संबंधित समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।