नोएडा प्राधिकरण ने इंडस्ट्रियल प्लॉट स्कीम के तहत निकाला ड्रॉ, 450 से लेकर 5 हजार वर्ग मीटर एऱिया के 121 प्लॉट का हुआ फैसला
नोएडा। प्राधिकरण ने इंडस्ट्रियल प्लॉट स्कीम के तहत शुक्रवार को ड्रॉ निकाला है। इस दौरान 450 से लेकर 5 हजार वर्ग मीटर एऱिया के 121 प्लॉट का ड्रॉ निकाला गया। इसमें हिस्सा लेने आए उद्यमी सांस थामे अपनी कुर्सी से चिपके रहे। नोएडा प्राधिकरण ने पूरे ड्रा की विडियोग्राफी भी कराई। इसमें प्लॉट हासिल करने वाले आवंटियों को 30 दिन के अंदर प्लॉट की कुल लागत की 20 प्रतिशत रकम प्राधिकरण के खाते में जमा करनी होगी। वहीं, आईटी व आईटीईएस के आवंटियों को 30 दिन में 40 प्रतिशत रकम जमा करनी होगी। जबकि शहर में जल्द ही कई फैक्ट्री खुलने के बाद हजारों लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
654 लोगों ने किया था आवेदन
बता दें कि सेक्टर-155 को प्राधिकरण औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित करने जा रहा है। इसके लिए 16.84 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां 6 साइज की श्रेणी के भूखंड के लिए शुक्रवार को पर्ची के जरिए ड्रॉ निकाला गया। इसमें कुल 125 भूखंड के लिए 654 लोगों ने आवेदन किए थे। 450 वर्गमीटर श्रेणी में कुल 40 भूखंड थे, जिसमें 5 भूखंड र्स्टाट अप, 12 एक्सपेंशन व 23 ओपन थे। इसमें कुल 40 अलॉट हुए। दूसरी श्रेणी में 800 से 1200 वर्गमीटर के 44 भूखंड थे, जिसमें 40 अलाॅट किए गए। स्टार्टअप के लिए रखे गए 4 भूखंड के लिए कोई आवेदन नहीं आया। तीसरी श्रेणी 1200 से लेकर 1800 वर्गमीटर की थी। इसमें सभी 22 भूखंड अलाॅट किए गए। चौथी श्रेणी के 4000 वर्गमीटर के सभी 12 प्लॉट अलॉट किए गए। इसके साथ ही 5000 वर्गमीटर के चार व 10000 वर्गमीटर के चार भूखंड आवंटियों को अलॉट किए गए। अलॉटमेंट पत्र हासिल करने के लिए आवंटियों को 30 दिन में कुल लागत की 20 प्रतिशत रकम जमा करनी होगी, जबकि आईटी से जुड़े भूखंड के लिए अलॉटी को 40 प्रतिशत रकम देनी होगी। इसके अलावा 20 प्रतिशत रकम 10 साल में किस्तों के रूप में जमा करनी होगी। इसी तरह आईटी भूखंड के अावंटी को 60 प्रतिशत रकम आठ साल में जमा करनी होगी। यदि वह यह रकम जमा नहीं करते हैं तो उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। दोनों ही श्रेणी में लीज रेंट एक साथ जमा करना होगा।
आवंटियों ने किया हल्का विरोध
ड्राॅ की शुरुआत 450 वर्गमीटर भूखंड के साथ हुई। इसके बाद सीधे 5000 वर्गमीटर भूखंड के लिए ड्राॅ निकाले जाने लगे। इसको लेकर कलाकेंद्र में मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। हालांकि अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आवंटी शांत हो गए। सुबह शुरू हुआ ड्राॅ शाम तक चला। इसके बाद आवंटियों को अलाटमेंट पत्र जारी किए गए।
ड्राॅ की कराई गई विडियोग्राफी
ड्राॅ को पारदर्शी बनाने के लिए पूरे कार्यक्रम की विडियोग्राफी कराई गई। ताकि बाद में यदि कोई आवंटी गड़बड़ी का आरोप लगाता है तो उसे सबूत दिया जा सके। साथ ही आवंटियों को दो साल में यहां उद्योग लगाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी और पांच साल में उद्योग स्थापित करना होगा। स्वाभाविक है कि उद्योग लगने के साथ ही यहां रोजगार के मार्ग भी खुलेंगे।
क्या है योजना
यहां आए सुरेंद्र भोसला ने टेक्सटाइल एक्सपेंशन के लिए 800 से 1200 मीटर भूखंड आवेदन किया। वह दिल्ली में रहते हैं और नोएडा पास है। उनकी दूसरी कंपनी भी यहां है, जिसका उनको एक्सपेंशन करना है। वहीं, आवंटी संजय सिंह राणा ने बताया कि उन्होंने 800-1000 मीटर प्लॉट के लिए आवेदन किया था। ड्रॉ में उनका प्लॉट सेक्टर-155 में निकला है, जिसमें वह गारमेंट की फैक्टरी लगाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 15-20 साल से यहां रह रहे हूैं। यहां सभी बढ़िया सुविधाएं उपलब्ध हैं इसलिए उन्होंने यहां प्लॉट का आवेदन किया था।