नोएडा

NOIDA: आलिशान घर में पति-पत्नी करते थे ये अश्लील काम, विदेशों से करोड़ों का व्यापार

NOIDA Couple Adult Video Studio: नोएडा के एक आलिशान मकान में पति-पत्नी मिलकर अश्लील वीडियो का धंधा कर रहे थे। वो सोशल मीडिया के जरिए मॉडल्स बुलाते और उनका वीडियो शूट करते थे। इसके बदले उन्हें विदेशों से करोड़ों रुपए मिलते थे। आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला ? 

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Mar 29, 2025
NOIDA

NOIDA Couple Running Pornographic Studio: नोएडा के एक पॉश इलाके के आलिशान मकान में पति-पत्नी मिलकर अश्लील वीडियो का धंधा कर रहे थे। वो सोशल मीडिया के जरिए मॉडल्स को बुलाते थें और उनके वीडियो बनाकर विदेशी कंपनियों को बेचते थें। इसके बदले में उन्हें मोटी रकम मिलती थी जिसका मात्र 25% हिस्सा मॉडल्स को मिलता था। परवर्तन निदेशालय (ED) के छापे में मामले का खुलासा हुआ है।

क्या है पूरा मामला ? 

दरअसल, इंफोर्स्मेंट डायरेक्टरेट (ED) 22 करोड़ रुपये के फॉरेन फंडिंग का पीछा करते हुए 28 मार्च 2025 (शुक्रवार) को नोएडा सेक्टर 105 के C-234 बंगले पर पहुंची। ईडी की टीम ने जब छापा मारा तो वहां मॉडल्स का अश्लील वीडियो फिल्माया जा रहा था। ईडी ने वहां से दो आरोपियों को कब्जे में लिया। इसके साथ ही 8 लाख रुपये कैश बरामद किए।

कौन है आरोपी ?

ईडी की पूछताछ में पता चला कि उज्जवल किशोर और नीलू श्रीवास्तव ने मिलकर ‘सब-डिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी बनाई थी। उज्जवल किशोर कंपनी का डायरेक्टर है। उसकी पत्नी नीलू इस काम में उसका सहयोग करती थी। मार्केट और बैंक में इन्होने बताया था कि कंपनी विज्ञापन, मार्केट रिसर्च और पब्लिक ओपनियन पोल का काम करती है। 

कंपनी की आड़ में काला धंधा 

सब-डिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने साइप्रस की एक कंपनी 'टेक्नियस लिमिटेड' के साथ डील साइन किया था। 'टेक्नियस लिमिटेड' एक होस्टिंग कंपनी है जो अश्लील कंटेंट वाले बड़े वेबसाइट को होस्ट करती है। इसी के माध्यम से सब-डिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड अपना कंटेंट 'टेक्नियस लिमिटेड' को भेजती और टेक्नियस लिमिटेड उन कंटेंट्स को बड़े वेबसाइट पर अपलोड करता था। 

*जॉर्नलिस्टिक कोड ऑफ कंडक्ट की वजह से हम उन वेबसाइट्स का नाम नहीं लिख रहे हैं।

सोशल मीडिया के माध्यम से बुलाई जाती थी मॉडल

यही वह फेसबुक पेज है, जिसके माध्यम से मॉडल्स की भर्ती की जाती थी।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक और ‘X’ पर मॉडलिंग के लिए विज्ञापन दिया जाता था। विज्ञापन के आधार पर मॉडल को बुलाया जाता था। लाइव कैमरे पर उनकी अश्लील वीडियो को शूट किया जाता था और उसे विदेश की कंपनी को भेजा जाता था। कमाई का 25% हिस्सा मॉडल को मिलता था। 

ED ने कैसा पकड़ा रैकेट ? 

फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (FEMA) के नियमों के उल्लंघन की आशंका के चलते ईडी ने जांच शुरू की। जांच के दौरान, सबडिजी कंपनी और उसके डायरेक्टर्स के खातों में विदेशों से 15.66 करोड़ रुपये आने की जानकारी मिली। इसके अलावा, नीदरलैंड्स में भी एक खाते का पता चला, जिसमें 7 करोड़ रुपये भेजे गए थे। यह राशि इंटरनेशनल डेबिट कार्ड्स के माध्यम से भारत में नकद निकाली जा चुकी है। इस तरह, अब तक कुल 22 करोड़ रुपये से अधिक की लेनदेन का खुलासा हुआ है।

पिछले पांच साल से चल रहा ये रैकेट 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य आरोपी पहले रूस में इसी तरह के एक सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका था। बाद में, वह भारत आया और अपनी पत्नी के साथ मिलकर इस पोर्नोग्राफी रैकेट की शुरुआत की। पिछले पांच वर्षों से यह दंपति मिलकर इस अवैध धंधे का संचालन कर रहा था।

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