नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी हुई। न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर भड़के कर्मचारियों को शांत करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने तुरंत कदम उठाया।
Noida labour protest Yogi Government Big Announcement: नोएडा के इंडस्ट्रियल इलाकों में फैक्ट्री कर्मचारियों ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे। 9 अप्रैल से शुरू हुए इस प्रदर्शन ने सोमवार 13 अप्रैल को हिंसक रूप ले लिया। करीब 42 हजार कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। सबसे पहले फेज-3 इलाके में हालात बिगड़े। कर्मचारियों ने पथराव किया, सड़कें जाम कर दीं और कई जगहों पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रदर्शन धीरे-धीरे नोएडा के लगभग 10 औद्योगिक क्षेत्रों में फैला हुआ था, जैसे कि सेक्टर 57, 40, 60, 85, 62, 1 और 15।। DND फ्लाइओवर के पास भी सड़क जाम हो गई। कर्मचारियों ने 350 से ज्यादा फैक्टरियों में तोड़फोड़ की। 50 से अधिक गाड़ियों में आग लगा दी और 150 वाहनों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस पर भी पत्थरबाजी हुई। कुछ इलाकों में RAF और PAC को बुलाना पड़ा।
पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए 200 लोगों को हिरासत में लिया और 60 के खिलाफ केस दर्ज किए। डीजीपी राजीव कृष्ण और ADG अमिताभ यश ने कंट्रोल रूम से पूरे समय मॉनिटरिंग की। उन्होंने साफ कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कर्मचारियों की मुख्य मांग थी कि उनकी सैलरी बढ़ाई जाए। हरियाणा सरकार ने हाल ही में न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। नोएडा के मजदूरों को लगता था कि उनके राज्य में वेतन बहुत कम है। वे 20 हजार रुपये या उससे ज्यादा न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम का सही भुगतान, बेहतर काम की घंटे और सुरक्षित माहौल चाहते थे। सोशल मीडिया पर अफवाह फैली कि सरकार ने न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये कर दिया है, लेकिन कंपनियां इसे नहीं मान रही हैं। इस अफवाह ने गुस्सा और बढ़ा दिया। कई मजदूरों का कहना था कि 11-12 रुपये सैलरी में महंगाई का बोझ उठाना मुश्किल हो रहा है। रूम किराया, गैस और बच्चों की पढ़ाई जैसे खर्च बढ़ गए हैं।
दिनभर के बवाल के बाद यूपी सरकार ने तुरंत हाईलेवल कमेटी बनाई। कमेटी सोमवार देर रात नोएडा पहुंची और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से लंबी बैठक की। बैठक के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। देर रात सरकार ने आदेश जारी कर कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। सरकार ने कर्मचारियों को तत्काल राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में 300- रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। सरकार ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर फैली गलत अफवाहों से कर्मचारियों को भड़काया गया। अब माहौल शांत है। इंडस्ट्रियल इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। सरकार ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहें।
फिलहाल नोएडा के इंडस्ट्रियल इलाकों में तनाव कम हो गया है। पुलिस हर जगह चौकसी बरत रही है। यह घटना दिखाती है कि मजदूरों की समस्याओं को समय पर ध्यान देने की जरूरत है। सरकार की इस तेज कार्रवाई से आगे और बड़े नुकसान से बचा जा सका। कर्मचारियों को उम्मीद है कि नई बढ़ी हुई सैलरी उनके जीवन को कुछ आसान बनाएगी।