Noida Workers Protest Update: नोएडा में तनाव के बाद सख्ती देखने को मिल रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है। पढ़िए अब तक का अपडेट।
Noida Workers Protest Update: नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए उग्र प्रदर्शन और बवाल के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आज पूरे औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस कमिश्नर, एडिशनल सीपी, आरएएफ, पीएसी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पूरे क्षेत्र को सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां आरएएफ और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही, विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है ताकि आम लोगों और श्रमिकों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।
नोएडा के प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। बवाल के बाद आज “गेस्टेड हॉलिडे” होने के चलते 95 प्रतिशत कंपनियां है। हालांकि, कुछ जगहों पर सीमित स्तर पर काम जारी है, जहां श्रमिक काम करते नजर आए। प्रशासन ने 70 कंपनियों के श्रमिकों को बातचीत के लिए बुलाया है और उनकी मांगों को लेकर वार्ता जारी है। पुलिस कमिश्नर ने श्रमिकों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाएगा और औद्योगिक विकास को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ संगठित तत्वों की भूमिका सामने आई है। अब तक 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और कई को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस ने 50 से ज्यादा ट्विटर हैंडल को चिन्हित किया है, जिनके माध्यम से अफवाहें फैलाकर श्रमिकों को उकसाया गया।
इसके अलावा, कई WhatApp ग्रुप्स की भी पहचान की गई है, जिनमें क्यूआर कोड के जरिए श्रमिकों को जोड़ा गया और उन्हें भड़काने का काम किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ तत्व अन्य राज्यों में भी हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। वायरल ऑडियो और चैट्स के जरिए श्रमिकों को उकसाया गया और संगठित तरीके से कॉल सेंटर के माध्यम से इस अभियान को संचालित किया जा रहा था।
इतना ही नहीं, उग्र प्रदर्शन के लिए फंडिंग किए जाने के भी संकेत मिले हैं, जिसकी मनी ट्रेल की जांच जारी है। पुलिस ने एक्स प्लेटफॉर्म्स पर किए गए भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही, एक राजनीतिक दल से जुड़े हैंडल की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस पूरे मामले में शामिल संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में श्रमिकों के वेतनमान में अंतरिम वृद्धि करते हुए बड़ी राहत दी है। इस फैसले के तहत कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल—तीनों श्रेणियों के मजदूरों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी की गई है। कुशल श्रमिकों (ट्रेंड लेबर) की बात करें तो उनका वेतन बढ़ाकर अब 16,868 रुपये कर दिया गया है। इससे पहले उन्हें 13,940 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। यानी इस श्रेणी के मजदूरों के वेतन में कुल 2,928 रुपये की वृद्धि की गई है।
वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों को भी इस फैसले का लाभ मिला है। उनका मासिक वेतन 12,445 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये कर दिया गया है। इस तरह उनके वेतन में 2,614 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा अकुशल मजदूरों के वेतन में भी इजाफा किया गया है। पहले उन्हें 11,313 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 13,690 रुपये कर दिया गया है। इस श्रेणी के श्रमिकों के वेतन में 2,377 रुपये की वृद्धि हुई है। सरकार के इस निर्णय से नोएडा के हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि वेतन वृद्धि से श्रमिकों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
मामले में अपडेट ये है कि नोएडा के सेक्टर-70 में एक बार फिर श्रमिकों के हंगामे की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अचानक बड़ी संख्या में कर्मचारी इलाके में इकट्ठा हो गए और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुरुआत में शांतिपूर्ण दिख रहा विरोध कुछ ही देर में उग्र हो गया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग दहशत में आ गए और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। पथराव की वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।