प्रशासन ने 60 प्रदर्शनकरियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
नोएडा। सेक्टर-123 डंपिंग ग्राउंड के विरोध में महापंचायत में प्रस्ताव पारित कर आबादी के बीच में डंपिंग ग्राउन्ड बनाने का पुरजोर विरोध करने की बात कही गई। साथ ही इसके खिलाफ सड़कों पर आंदोलन तेज करने और एनजीटी व सर्वोच्च अदालत में भी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया। महापंचायत के हजारों की सख्या में लोगों ने डम्पिंग ग्राउंड की ओर कूच किया तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकरियों के बीच झड़प भी हुई। जिससे प्रदर्शनकरियों ने सड़क को जाम कर दिया, जिससे लंबा जाम लग गया। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों पर काबू कर पाई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
महापंचायत के दौरान हजारों की संख्या में महिलाएं, युवा, ग्रामीण, सेक्टरवासी व सामाजिक संस्थाओं के लोगों ने सेक्टर-123 में बनने वाले डंपिंग ग्राउंड के विरोध में प्रदर्शन करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकरियों और पुलिस के बीच नोंक-झोंक भी हुई और प्रदर्शनकरियों ने सड़क को जाम कर दिया, जिससे लंबा जाम लग गया। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं जिसके कारण बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस उन पर काबू कर पाई और प्रदर्शनकरियों को बस में भर कर जेल भेज दिया।
प्रदर्शनकरियों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और यहां पर रहने वाली लाखों जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि वह हर तरफ से घिर चुके हैं। जनप्रतिनिधि उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं। पहले तो आश्वासन दिया और अब मिलने को भी तैयार नहीं हैं। ऐसे अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष ही रास्ता रह गया है। इस लड़ाई को किसी भी सीमा तक ले जाएंगे। लेकिन सेक्टर- 123 में डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगे।
वहीं अधिकारियों का साफ कहना है कि शहर में सेनेट्री लैंड फिल साइट का निर्माण एनजीटी के निर्देशों पर किया जा रहा है। लिहाजा एनजीटी में ही अपील करें। वहां से जैसे निर्देश आएंगे उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा। लेकिन कानून व्यवस्था किसी को हाथ में नहीं लेने दी जाएगी। साथ ही लॉ एंड ऑर्डर का उल्लघंन करने पर सख्त कार्रवाई करने का हवाला भी दिया और प्रदर्शन कर रहे साठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।