नोएडा

भीम आर्मी में फूट की बड़ी वजह बनी यह, चंद्रशेखर और उनकी मां पर लगाए गंभीर आरोप

चंद्रशेखर और उनकी मां पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप और किसी ने नहीं बल्कि उनके ही साथी और ने लगाए हैं।
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Oct 03, 2018
chandrashekhar
भीम आर्मी में फूट की बड़ी वजह बनी यह, चंद्रशेखर और उनकी मां पर लगाए गंभीर आरोप

सहारनपुर। जेल से रिहा होने के बाद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। रिहा होते ही उन्होंने मायावती को बुआ कहा था तो इसके बाद मायावती ने इस पर पलटवार करते हुए कहा था कि वह किसी की बुआ नहीं हैं। इसके बाद से लगातार यह भी चर्चाएं हैं कि चंद्रशेखर अगामी लोकसभा चुनाव में बसपा और खासकर विपक्ष का साथ दे सकते हैं।

कारण, चंद्रशेखर यह ऐलान कर चुके हैं कि भाजपा को हराने के लिए वह लगातार काम करेंगे। वहीं इसके बाद से बताया जा रहा है कि वह विपक्षी पार्टी के नेताओं के संपर्क में भी हैं। लेकिन अब इस बीच उन पर और उनकी मां पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप और किसी ने नहीं बल्कि चंद्रशेखर के ही साथी और ने लगाए हैं।

दरअसल, हाल ही में भीम आर्मी के लाखों रुपये के चंदे के हिसाब-किताब को लेकर एक ऑडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद अब युवा शक्ति दल के संस्थापक एंव राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम खुल कर सामने आ गए हैं। जिन्होंने दावा किया है कि 21 मई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद विनय रतन, कमल वालिया और चंद्रशेखर की मां को हजारों रुपये दिए गए थे। उन्होंने कहा है कि भीम आर्मी के चंदे में जुड़े एक-एक पैसे का लिखित हिसाब चंद्रशेखर को सौंपा गया था, मगर अब वह राजनीति कर रहे हैं।

दरअसल, गाजियाबाद के रहने वाले रवि कुमार गौतम ने एक न्यूजपेपर से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि चंद्रशेखर बार-बार चंदे के रूपयों का हिसाब मांग रहे हैं, जबकि मैंने उन्हें एक-एक पाई का हिसाब दिया। उन्होंने कहा कि गत 21 मई को सरकार के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शन के लिए भी समाज से जोड़े गए धन का पूरा हिसाब मौजूद है। 22 मई को मैंने 1 लाख रुपये भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन और 30 हजार रुपये जिलाध्यक्ष कमल वालिया को दिए थे। इसके अलावा करीब 30 से 40 हजार रुपये चंद्रशेखर की माताजी को भी दिए। इतना ही नहीं, चंद्रशेखर के करीबी महक सिंह भी उनसे 30 हजार रुपये ले गए थे।

रवि गौतम ने कहा कि चंदे के इसी पैसे से शब्बीरपुर में अनुसूचित समाज के लोगों के लिए अनाज भेजा भी गया था और मुकदमा लड़ने के लिए वकील को भी 1 लाख रुपये दिए थे। चंदे के एक-एक पैसे का पूरा हिसाब संजीव कुमार, विजय तथा नरेश के पास मौजूद है।

Updated on:
03 Oct 2018 04:22 pm
Published on:
03 Oct 2018 04:22 pm