नोएडा

Surya Grahan 2018 Hariyali Amavasya : आज है हरियाली अमावस्या और साल का आखिरी ग्रहण, प्रभाव से बचने के लिए इस तरह करें पूजा

Surya Grahan 2018 and Sawan Hariyali Amavashya : सुंदरकांड, बजरंग बाण, हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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Aug 10, 2018
कल है हरियाली अमावस्या और साल का आखिरी ग्रहण, जाने पूजा की विधि, दूर होंगे

नोएडा। हिंदू धर्म में जिस तरह पूर्णिमा का महत्व है उसी तरह अमावस्या का भी काफी महत्व है। उसमें भी सावन की हरियाली अमावस्या का तो विशेष रुप से मनाया जाता है। सावन की अमावस्या स्नान-दान आदि करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन न सिर्फ पेड़ लगाने को भी शुभ माना जाता है बल्कि पीपल के पेड के फेरे भी लगाए जाते हैं। वहीं इस बार के सावन अमावस्या के दिन साल का आखिरी ग्रहण भी लग रहा है।

कैसे करें पूजा-

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सावन का महीना बारिश का महीना है और सभी पेड़ों को नया जीवन मिलता है। इस वजह से हरियाली अमावस्या से पेड़ों की पूजा की जाती है। इस दिन खास तौर पर पीपल की पूजा की जाती है। इसके लिए मालपूओं का भोग लगाया जाता है। साथ ही कई हिस्सों में धागों से या किसी भी वस्तू से 108 बार फेरे लगाए जाते हैं। हरियाली अमावस्या के दिन पीपल, बरगद, केला, निंबू, तुलसी आदि का वृक्षारोपण करना भी शुभ माना जाता है। इन वृक्षों में देवताओं का वास माना जाता है। पीपल में जहां ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास बताया जाता है वहीं आवंला में भगवान लक्ष्मीनारायण को विराजमान माना जाता है। इस दिन गेंहू, ज्वार, मक्का आदि की सांकेतिक बुआई भी शुरु हो जाती है। उत्तर भारत में तो इसे पर्व के रूप में मनाया जाता है।

अमावस्या का समय-

इस बार अमावस्या को शनिवार पड़ है। अमावस्या की शुरूआत 10 अगस्‍त के रात 11:08 बजे से होगा और 11 अगस्त के दोपहर 3:27 बजे समाप्‍त होगा।

आखिरी सूर्य ग्रहण-

वैसे 11 अगस्त को सावन मास की अमावस्या तिथि शनिवार के दिन पड़ रही है। इसी दिन साल का तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं देखाई देगा। हालाकि ज्योतिषियों का कहना है की भले ही सूर्य ग्रहण भारत में वहीं दिखाई दे लेकिन सूतक काल बीती रात से शुरू हो चुका है।

कुछ लोगों का मानना है कि शनिवार को यानी शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। लेकिन ग्रहण को लेकर किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्यों कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

ग्रहण के समय की बात करें तो शनिवार को ग्रहण दोपहर करीब 1.32 बजे शुरू होकर दोपहर 3.16 बजे तक रहेगा। ऐसे में ग्रहण का सूतक शुक्रवार की रात 1 बजे के बाद से ही शुरू हो चुका है।

वैसे तो भारत में दिखाई नहीं देने की वजह से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है। फिर भी जो गर्भवती महिला हैं वो शनिवार को ग्रहण काल में सूर्य का दर्शन न करें। साथ ही इस समय भगवान विष्णु, शिव जी की स्तुति, मंत्र पाठ विशेष लाभकारी होगा।

यही नहीं शनि अमावस्या होने की वजह से सुंदरकांड, बजरंग बाण, हनुमान चालीसा का पाठ करना हितकारी होगा।

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Updated on:
11 Aug 2018 08:19 am
Published on:
10 Aug 2018 03:08 pm
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