एक रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर की शिकायत के बाद कोर्ट ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां हेराफेरी कर कागज तैयार किए गए और उन कागजों के आधार पर चुनाव लड़ा गया। जिसके बाद चुनाव जीत भी लिया गया। लेकिन अब मामला उजागर हो गया है और इस पूरे मामले में प्रधान को अपनी कुर्सी तो गंवानी ही पड़ सकती है। साथ ही जेल की भी हवा खानी पड़ सकती है। क्योंकि गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में एक ग्राम प्रधान पर संगीन आरोप लगा है।जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
ग्राम प्रधान पर आरोप है कि उसने एससी कोटे की रिजर्व सीट पर फर्जी दस्तावेज बनाकर चुनाव लड़ा और जीत भी गया। एक रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर की शिकायत के बाद कोर्ट ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दरअसल साल 2015 में गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के गढ़ी गदाना गांव में ग्राम पंचायत के चुनाव हुए थे। जिसमें संतोख सिंह नाम का चुनाव जीतकर ग्राम प्रधान बना गया। गढ़ी गदाना गांव की सीट उस समय एससी कोटे के लिए रिजर्व थी।
आरोप है कि संतोख सिंह ने एससी होने के गलत दस्तावेज बनवाए और चुनाव लड़ लिया। जबकि अब रिटायर सब इंस्पेक्टर श्याम लाल ने ओरिजिनल दस्तावेज निकलवाए। जिसमें संतोख सिंह के रिश्तेदार ओबीसी पाए गए हैं। मतलब साफ है कि संतोख सिंह ओबीसी कोटे में आता है। लेकिन एससी कोटे में रिजर्व सीट पर ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उसने गलत दस्तावेज बनवाए और ग्राम पंचायत को गुमराह किया। इसी आरोप के साथ कोर्ट से मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए हैं। इस पूरे मामले में मोदी नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।