
नोएडा. लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन बदलते परिवेश में अब विरोध करने वालों को चुप कराने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। हाईराइज सोसायटी भी इससे अछूती नही हैं। ताजा घटना नोएडा के सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी की है। जहां रेजिडेंट का गार्ड के साथ विवाद हो गया था। इसके बाद दर्जनभर से ज्यादा मेंटेनेंस के लोगों के साथ सिक्योरिटी गार्ड ने रेजिडेंट और उसके बेटे को लाठी-डंडे, बैट और राॅड से बुरी तरह पीटा। रेजिडेंट को गंभीर चोट आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरा वाक्या सोसाइटी के सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल में हुआ कैद हो गया है। पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-39 पुलिस ने गार्ड कृष्णकांत शुक्ला और सिक्योरिटी इंचार्ज अमलेश राय समेत आठ गार्ड को हिरासत में ले लिया है। साथ ही वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है।
बता दें कि रेजिडेंट से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। मारपीट के इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गार्डों का एक झुंड इकट्ठा होकर मेंटेनेंस ऑफिस में पहुंचता है और लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी के रेजिडेंस एसपी सिंह और उनके बेटे को घसीट के बाहर लाकर बुरी तरह पिटाई करता है। उन्हें चोटें आती हैं और फिर खून बहने लगता है। इस वारदात को सुनोयाेजित तरीके से अंजाम दिया गया। क्योंकि जिस समय यह घटना हुई उस समय सोसाइटी में लगा सीसीटीवी कैमरा बंद था। हालांकि वहां मौजूद लोग अपने मोबाइल से पूरी घटना को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। अब मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है और पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है।
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि जिन लोगों के साथ मारपीट की गई, वे पेशे से कारोबारी हैं। उनके घर पर जिओ फाइबर लगाना था और पिछले दो-तीन दिन से मेंटेनेंस वालों से उस बॉक्स की चाबी मांग रहे थे, जहां से जिओ फाइबर होकर जाता है, लेकिन प्रबंधन के लोग इनकी अनदेखी कर रहे थे। उसके पीछे एमपी सिंह का वर्तमान पदाधिकारी का विरोध करना है। एमपी सिंह नीचे जाकर बॉक्स की चाबी मांग रहे थे। इस दौरान थोड़ी गर्मा-गर्मी गार्ड से हो गई। उसके आधे घंटे बाद अचानक 14-15 गार्ड आ जाते हैं और उन पर हमला बोल देते हैं। गार्डों के हाथ में लाठी-डंडे, बैट और राॅड थे, जिनसे एमपी सिंह और उनके बेटे की पिटाई की गई।
लोटस बुलेवर्ड के प्रेसिडेंट कहते हैं घटना हुई है और हमारे संज्ञान में है। जब हमे पता चला पुलिस पहुंच चुकी थी तो हमने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मेंटेनेंस और सिक्योरिटी गार्ड के इंचार्ज समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य लोगों की पहचान फुटेज के आधार पर की जा रही है। इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।