सपा की इस घोषणा के बाद भाजपा सहित अन्य दलों में भी अब सुगबुगाहट शुरु हो गई है।
संभल। पिछले महीने फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों से उत्साहित समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने आगामी 2019 लोकसभा चुनाव के लिए अभी से बिसात बिछानी शुरू कर दी है। वरिष्ठ नेताओं की लोकसभा चुनाव लड़ने की दिलचस्पी से ये बात जाहिर होती है।
दरअसल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा में संसदीय दल के नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान विधायकों के अनुरोध पर संभल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार केन्द्र में हमारी सरकार बनेगी। फूलपुर और गोरखपुर में सपा-बसपा गठबंधन की सफलता से उत्साहित रामगोपाल यादव ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।
विधायकों के अनुरोध पर किया ऐलान
दरअसल जिले के कैलादेवी मंदिर पर शनिवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव परिक्रमा मार्ग व गौशाला का शिलान्यास करने पहुंचे थे। मंदिर में विधि विधान से पूजा-पाठ करने के बाद उन्होंने शिलान्यास किया। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि कुछ विधायकों ने उनसे यहां (संभल) से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। मैं उनको अनुरोध को अस्वीकार नहीं कर सकता।
इसलिए उन्होंने खुद कहा कि वे यहां से 2019 का चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें कि रामगोपाल यादव 2004 में संभल से सांसद रह चुके हैं। उनसे पहले दो बार सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी यहां से दो बार सांसद चुने गए थे। वर्तमान में इस सीट से भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी सांसद हैं।
जिला मुख्यालय की मांग को लेकर दिखाए गए काले झंडे
रामगोपाल यादव का काफिला जब संभल के चौधरी सराय स्थित पुलिस चौकी चौराहे से निकला तो जिला मुख्यालय की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और हंगामा किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि सपा सरकार में भी जिला मुख्यालय की स्थापना नहीं हो सकी।
जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रामगोपाल यादव संभल से लोकसभा चुनाव लड़ते हैं तो उनका सड़कों पर उतकर विरोध किया जाएगा। आपको बता दें कि संभल जिले की स्थापना बसपा सरकार के समय की गई थी। उसके बाद 5 साल तक सपा सरकार रहने के बाद भी यहां जिला मुख्यालय की स्थापना न होने से लोगों में रोष है।