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Mahashivratri 2022 : इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहा विशेष संयोग, धन प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीज

Mahashivratri 2022 : महाशिवरात्रि पर इस बार ग्रह नक्षत्रों के दो बेहद शुभ संयोग (Special Coincidence) बन रहे हैं। इसके साथ ही पंचग्रही योग भी बन रहा है। शुभ संयोग में शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) में भगवान भोलेनाथ (Lord Shiva) की विधि विधान से पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। शिवलिंग पर बेलपत्र से विशेष पूजा की जाए ताे धन संबंधी समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी।
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Feb 26, 2022
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Mahashivratri 2022 : भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उत्सव यानी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर इस बार ग्रह नक्षत्र का विशेष संयोग (Special Coincidence) बन रहा है। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास की त्रयोदशी तिथि यानी एक मार्च को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर इस बार दो बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही पंचग्रही योग भी बन रहा है। उन्होंने बताया कि इन शुभ संयोग में शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) में भगवान भोलेनाथ (Lord Shiva) की विधि विधान से पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। उन्हाेंने बताया कि महाशिवरात्रि पर भोले बाबा को मनाने के लिए कई प्रकार से पूजा का विधान है। अगर शिवलिंग पर बेलपत्र से विशेष पूजा की जाए ताे धन संबंधी समस्याएं हमेशा-हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि केे दिन धनिष्ठा नक्षत्र में परिध योग रहेगा। धनिष्ठा के बाद शतभिषा नक्षत्र लगेगा। वहीं, परिध योग के बाद शिव योग रहेगा। उन्होंने बताया कि परिध योग को शत्रुओं पर विजय पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर ग्रहों का विशेष योग भी बन रहा है। मकर राशि के 12वें भाव में पंचग्रही योग बनेगा। मकर राशि में मंगल, शनि, बुध, शुक्र और चंद्रमा रहेंगे। जबकि लग्न में कुंभ राशि में सूर्य-गुरु की युति रहेगी। वहीं चौथे भाव का राहु वृषभ राशि में रहेगा तो केतु दसवें भाव के साथ वृश्चिक राशि में रहेगा।

महाशिवरात्रि पर पूजा की विधि

पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर व्रत रखकर शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं। 8 लोटा केसर मिलाकर जल चढ़ाएं। पूरी रात घर में दीप जलाकर चंंदन का तिलक लगाएं। शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग-धतूरा, गन्ने का रस, जायफल, कमल गट्टा, तुलसी के पत्ते, फल-मिठाई, पान और दक्षिणा अर्पित करें। इसके बाद केसर की खीर का भोग लगाने के बाद उसका प्रसाद बांटें। इसके बाद अंत में भोले बाबा से भूलों के लिए क्षमा मांगें।

महाशिवरात्रि पर पूजा का शुभ मुहूर्त

- शिवरात्रि मंगलवार सुबह 3.16 बजे से बुधवार सुबह 10 बजे तक रहेगी। शिवरात्रि पर चार पहर की पूजा का महत्व है।

- पहला पहर : एक मार्च शाम 6.21 बजे से रात्रि 9.27 बजे तक

- दूसरा पहर : रात्रि 9.27 बजे से 12.33 बजे तक

- तीसरा पहर : रात्रि 12.33 बजे से सुबह 3.39 बजे तक

-चौथा पहर : दो मार्च सुबह 3.39 बजे से 6.45 बजे तक

Updated on:
26 Feb 2022 01:42 pm
Published on:
26 Feb 2022 01:31 pm