नोएडा

Supertech Twin Towers: कंट्रोल ब्लास्ट से गिराए जाएंगे 40 मंजिला दोनों टावर

Supertech Twin Towers: नोएडा विकास प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि दोनों टावर अथॉरिटी ने सील किए हुए थे। टावर तोड़े जाने के लिए सील खोलने के निर्देश मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को सील खोल दी है।
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Updated: 25 Oct 2021, 4:56 PM IST
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Supertech Twin Towers: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा के सेक्टर-93 ए में स्थित सुपरटेक एमरल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के दोनों अवैध टावर को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम, नोएडा प्राधिकरण और कई अन्य एक्सपर्टों की बैठक के बाद लगभग तय हो गया है कि दोनों टावरों को कंट्रोल ब्लास्ट के जरिए गिराया जाएगा।

टावर का सील खोलने का निर्देश

नोएडा विकास प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि दोनों टावर अथॉरिटी ने सील किए हुए थे। टावर तोड़े जाने के लिए सील खोलने के निर्देश मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को सील खोल दी है। अब नीचे से ऊपर तक कानूनी रूप से आवागमन हो सकेगा। इसके साथ ही कोई भी तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू करने की सहमति बनेगी। इसके अलावा टावर तोड़ने के लिए बिल्डर ने जो एजेंसियां बुलाई हैं उनका प्रजेंटेशन सोमवार को होना है। इस प्रजेंटेशन के आधार पर सीबीआरआई और प्राधिकरण अपनी मुहर लगाएंगे। अगर प्रजेंटेशन से सीबीआरआई की टीम संतुष्ट नहीं हुई तो बिल्डर को अन्य एजेंसियों के लिए कहा जाएगा।

ब्लास्ट से पहले होगा आकलन

नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि टावर ब्लास्ट से तोड़े जाएंगे लेकिन पूर्व में आकलन होगा। इसमें यह अनुमान लगाया जाएगा कि टावर टूटने पर सीधे नीचे बैठे। मलबा आस-पास फैलने से रोक लिया जाए। इसके साथ ही ब्लास्ट से कोई जमीन पर ऐसा कंपन न हो जो आस-पास की दूसरी इमारतों के लिए खतरा बन जाए।

देश पहली बार ध्वस्त होगी इतनी ऊंची इमारत

बता दें कि देश में इससे पहले कभी इतनी बड़ी बिल्डिंग को ध्वस्त नहीं किया गया था। इससे पहले जनवरी 2020 में केरल राज्य के मराडु इलाके में चार मल्टी स्टोरी कॉम्प्लेक्स को गिराया गया था। इन इमारतों को भी नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गिराने का आदेश दिया था। इनमें से जो सबसे ऊंची बिल्डिंग गिराई गई थी, वह 18 मंजिल की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था टावर को गिराने का आदेश

गौरतलब है कि बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। ये दोनों ही टावर 40-40 मंजिला के हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ये टावर नोएडा विकास प्राधिकरण और सुपरटेक बिल्डर की मिलीभगत से बने थे।

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