नोएडा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 15 अगस्त को धूमधाम से जश्न मनाएंगे आम्रपाली के हजारों बायर्स

खबर की मुख्य बातें- -सुप्रीम कोर्ट ने सुनावई करते हुए नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को कड़ी फटकार लगाई -कोर्ट ने कहा कि हम कागजी शेर नहीं हैं, हम ठोस कार्रवाई करेंगे -प्राधिकरण को तुरंत फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू करने के निर्देश भी दिए

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Aug 13, 2019
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 15 अगस्त को धूमधाम से जश्न मनाएंगे आम्रपाली के हजारों बायर्स

नोएडा। सपनों के आशिायने के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे 45 हजार फ्लैट बायर्स को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राहत मिली है। जिसके बाद बायर्स का कहना है कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद वह अगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवास और रक्षाबंधन धूमधाम से मना सकेंगे। आम्रपाली बायर्स एसोसिएशन के मेंबर के.के कौशल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एतिहासिक फैसले से हजारों बायर्स में खुशी की लहर है। जिस तरह कोर्ट द्वारा अधिकारियों को जेल भेजने के चेतावनी दी गई है उससे जल्द ही घर मिलने का रास्ता खुला है। इस फैसले के बाद आम्रपाली के हजारों बायर्स आने वाले त्योहार जैसे स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन को अब और भी धूमधाम से मना सकेंगे।

वहीं नेफोवा महासचिव श्वेता भारती ने भी इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर हजारों बायर्स को पूरा भरोसा है। बायर्स लगातार सड़कों पर उतरकर अपने घरों के लिए सरकार और प्रशासन से मांग करते रहे। लेकिन कोई राहत नहीं मिली। जिसके बाद बायर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हमें उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही हमारे घर दिलाएगी।

रजिस्ट्रेशन शुरू करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली फ्लैट बायर्स के मामले में सुनावई करते हुए नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि हम कागजी शेर नहीं हैं, हम ठोस कार्रवाई करेंगे। प्राधिकरण तुरंत फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू करे। जस्टिस अरूण मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्राधिकरण की तरफ से रजिस्ट्रेशन या फ्लैट के कब्जे में देरी की जाती है तो अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा।

बैंकों को भी लगाई फटाकर

जस्टिस मिश्रा ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को कई नोटिस भेजने के बावजूद कोई जवाब मिला। कठोर कार्रवाई करने के लिए हमें मजबूर ना करें। वहीं बैंकों को भी फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि अभी हम घर खरीदारों की गंभीर समस्या पर बात कर रहे हैं। इसमें व्यवधान ना करें। आपको बाद में सुनेंगे।

प्राधिकरण ने भी रखा अपना पक्ष

वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने आम्रपाली मामले के लिए स्पेशल सेल बनाया है। कुछ अधिकारियों की नियुक्ती विशेष तौर पर इसी कार्य के लिए की गई है। कोर्ट के आदेशों के पालन में बिल्कुल भी देरी और लापरवाही नहीं होगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सुनवाई करते हुए आम्रपाली के लंबित प्रोजेक्टों का रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द करने के निर्देश किए थे। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकारी संस्थान एनबीसीसी को आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने का निर्देश दिया था।

Published on:
13 Aug 2019 03:13 pm
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