नोएडा में सूबे का सबसे आधुनिक और सबसे ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफार्म लगेगा। इसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण मिलकर खरीदें। तीनों प्राधिकरण 6-6 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। चेयरमैन संजीव मित्तल की मौजूदगी में नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इस पर चर्चा की गई। प्लेटफार्म की ऊंचाई 72 मीटर होगी।
नोएडा में सूबे का सबसे आधुनिक और सबसे ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफार्म लगेगा। इसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण मिलकर खरीदें। तीनों प्राधिकरण 6-6 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। चेयरमैन संजीव मित्तल की मौजूदगी में नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इस पर चर्चा की गई। प्लेटफार्म की ऊंचाई 72 मीटर होगी। अब तक प्रदेश में सबसे ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफार्म 42 मीटर का है। यह प्लेटफॉर्म 104 मीटर ऊंचा होगा जिसकी मदद से अग्निशमन विभाग 35 मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पाने में सक्षम होगा। बोर्ड में प्रस्ताव पास हो चुका है। अब खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अग्निशमन विभाग को दिया जाएगा प्लेटफार्म
हाइड्रोलिक प्लेटफार्म खरीद के लिए कंपनी फाइनल नहीं की गई है। मगर, जैसे ही यह फाइनल होगा इसे खरीदकर अग्निशमन विभाग को दे दिया जाएगा। अभी होजपाइप, वेटराइजर, आदि संसाधनों का प्रयोग ऊंची इमारतों के लिए किया जाता है।
अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं
एक आकलन के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब तीन हजार हाईराइज इमारतें हैं। नोएडा की ऊंची इमारतों के ऊपरी तल पर आग लगने या हादसा होने पर वहां पहुंचने के लिए अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं है। ऐसे में बमुश्किल ही किसी की जान बच पाई है। वर्तमान में विभाग के पास केवल 42 और 32 मीटर ऊंचे हाइड्रोलिक प्लेटफार्म है।
नोएडा प्राधिकरण का विकास पर जोर
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण इस वर्ष 2022-23 में 4,880 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें नोएडा की बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण 6-6 करोड़ रुपये खर्च करेंगे।
नोएडा में आग के बड़े हादसे
- बेहलोलपुर में 150 झुग्गियों में आग लगने से दो की मौत
- सेक्टर- 53 गीझौड़ में स्पा में आग लगने से दो की जलकर मौत
- सेक्टर- 63 की एक कंपनी में आग लगने से कर्मी की मौत
- सेक्टक- 11 की एक कंपनी में आग लगने से छह की मौत
ग्रेटर नोएडा में हुए कितने हादसे
2019 में 1729
2022 में 1245
2021 में 1388