नोएडा

यूपी एसटीएफ ने दबोचा अनिल दुजाना का गुर्गा, 1 लाख के इनामी बदमाश के कारनामे जानकर रह जाएंगे दंग

बीए की डिग्री पूरी करने के बाद बना बदमाश

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Oct 12, 2018
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यूपी एसटीएफ ने दबोचा अनिल दुजाना का गुर्गा, 1 लाख के इनामी बदमाश के कारनामे जानकर रह जाएंगे दंग

नोएडा।छह साल से फरार चल रहा सुपारी किलर और एक लाख रुपये के इस इनामी अपराधी को एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने धर दबोचा। आरोपी बदमाश को टीम ने दिल्ली की गीता काॅलोनी से दबोचा है। इतना ही नहीं आरोपी बदमाश के ऊपर हत्या, लूट, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में 14 मुकदमे पंजीकृत हैं।एक साल पहले मेरठ के हस्तिनापुर में हुए डबल मर्डर व शामली थाना क्षेत्र में हुई हत्या सोनू ने की थी।उसके बाद से ही यह बदमाश यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट के टार्गेट पर था। और अनिल दुजना की सरपरस्ती अपराध जगत सोनू की तूती बोलती थी। यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने एक सूचना पर दिल्ली की गीता कॉलोनी से पकड़ा, उसके पास से एक तमंचा व एक दोनाली बंदूक बरामद हुई है।

ग्रेजुएशन की पढ़ार्इ कर दोस्त की वजह से अपराध जगत में की एंट्री

यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट के सुरजपुर ऑफिस में खड़ा यह बदमाश सोनू उर्फ शोकिंदर को एक लाख रुपये का इनामी है।एसटीएफ डीएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया सोनू ने सीसीएस विश्वविद्यालय मेरठ से ग्रेजुएशन की है।सोनू के पड़ोस में जॉनी रहता था।जॉनी व सोनू के भाई मोनू के बीच दोस्ती थी। वर्ष 2009 में सोनू व जॉनी की लड़ाई हसीन व अरशद से हो गई थी। जॉनी, मोनू ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिल कर हसीन व अरशद की हत्या कर दी थी।आरोप में तीनों जेल चले गए।मुकदमे की पैरवी हसीन का भाई बाबर कर रहा था।गवाही न बदलने पर सोनू ने अपने दोस्त मोनू चौधरी, अरुण, रचित के साथ मिलकर बाबर की हत्या कर दी।मामले में चारों आरोपित जेल चले गए।

अनिल दुजाना ने जिला पंचायत में दिये थे दस लाख रुपये

डीएसपी राजकुमार मिश्रा का कहना है की सोनू ने पूछताछ में बताया कि मुजफ्फरनगर जेल में सोनू की दोस्ती वहां पर बंद अनिल दुजाना व उसके शूटर गुलवीर से हुई। अनिल ने जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। चुनाव में सोनू ने 10 लाख रुपये लेकर अनिल की मदद की थी। जमानत पर जेल से बाहर आने पर जॉनी ने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए सोनू के पिता धर्मसिंह की हत्या कर दी। पर्दाफाश होने के बाद जॉनी जेल गया। जॉनी व सोनू के बीच दुश्मनी बढ़ गई। जमानत पर बाहर आने पर सोनू ने अपने साथी मोनू, गुड्डू, मान सिंह, राहुल के साथ मिलकर जॉनी के पिता प्रेम सिंह आैर उसकी मां मुनेस की गोली मार कर हत्या कर दी थी। मामले में सोनू को छोड़कर सभी आरोपित गिरफ्तार हो गए थे। घटना के बाद से ही सोनू फरार चल रहा था। सोनू पर मेरठ, मुजफ्फरनगर व शामली में विभिन्न धाराओं में एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।

Published on:
12 Oct 2018 10:55 am