नोएडा

यूपी पुलिस खुद ‘एक्स्ट्रा स्मार्ट’ कब होगी

कौन दे रहा है देश के सबसे बड़े राज्य की सरकार के ही विधायकों को धमकी ?

3 min read
May 25, 2018
यूपी पुलिस खुद 'एक्स्ट्रा स्मार्ट' कब होगी

टिप्पणी/ आशुतोष पाठक

(ashutosh.pathak1@in.patrika.com)

उत्तर प्रदेश में भाजपा विधायक इन दिनों काफी डरे हुए हैं, उनके दिल की धड़कनें बढ़ी हुई हैं, दिन का चैन और रात की नींद गायब है। कारण, उन्हें धमकी मिल रही है। ऐसे एक-दो नहीं बल्कि, प्रदेश में करीब दो दर्जन विधायक हैं। यह धमकी कौन दे रहा है, कहां से दे रहा है और आखिर उन्हें ही क्यों दे रहा है, इनमें से किसी को नहीं पता।
इस पूरे मामले में कुछ दिलचस्प पहलू भी है। पहला, यह धमकी सिर्फ भाजपा विधायकों को दी जा रही है। दूसरा, धमकी के जरिये रंगदारी मांगी जा रही है और रकम सुनकर आप सच में सोच में पड़ जाएंगे कि ऐसा क्यों। जी हां, रंगदारी की रकम है 'महज' दस लाख रुपये। 'महज' शब्द का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए क्योंकि विधायकों के लिए दस लाख कोई बड़ी रकम नहीं। जबकि 25-50 लाख तो आजकल आम आदमी से छुटभैय्या बदमाश मांगता है।
इस मामले का शर्मनाक पहलू यह है कि करीब दो हफ्ते बाद भी योगी जी की "एनकांउटर में मास्टर" पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई है आखिर इसके पीछे कौन है। अब तक सब कुछ अंदाजे पर चल रहा है। अब आप अंदाजा लगाइए कि यह हाल जब सत्ताधारी दल के विधायकों का है, तो प्रदेश की आम जनता का क्या होगा। उसकी सुनवाई कैसे होती होगी। हरदोर्ई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश अपनी ही सरकार पर बुरी तरह बिफरे हुए हैं। उनका भी यहीं कहना है कि सरकार में जब विधायक ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। बुलंदशहर के डिबाई विधानसभा सीट से महिला विधायक अनीता लोधी को भी धमकी मिली और उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
विधायकों की नाराजगी के बाद जाके खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जागे हैं। बड़े-बड़े माफियाओं को 'ठंडा' करने में उस्ताद यूपी की एसटीएफ इस मामले की जांच कर रही थी, अब बात नहीं बनी तो सरकार ने एसआईटी गठित की है। इसके मुखिया हैं एडीजी (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार। टीम में शामिल हैं एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश, एटीएस के एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसटीएफ के ही एएसपी त्रिवेणी सिंह। यानी बदलाव ज्यादा कुछ नहीं हुआ, फिर भी हम सब बेहतर नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।
यह हकीकत है उस उत्तर प्रदेश की, जिसे अब तक यहां पूर्व में रही सभी सरकारों ने उत्तम प्रदेश बनाने का दावा किया है। वर्तमान सरकार की भी विकास यात्रा जारी है। लेकिन हाल-ए-बयां तो सबके सामने है। 21वीं सदी में हर कोई स्मार्ट फोन के साथ एक्ट्रा स्मार्ट हुआ है। आमजन चाहे वह अमीर हो या गरीब, थोड़ा पढ़ा-लिखा या फिर कुछ ज्यादा। लेकिन यूपी पुलिस शायद अब तक नहीं। उसकी साइबर क्राइम से लडऩे की तैयारी तो कम से कम यही बयां कर रही है।
वैसे, अब तक जांच में जो सामने आया, उसके मुताबिक धमकी किसी दूसरे देश से दी जा रही है। कोई है ऐसा एक्स्ट्रा स्मार्ट, जो संभवत: एक जगह से बैठकर पूरी दुनिया के आईपी एड्रेस पर कब्जा किए हुए है। इसीलिए कभी पाकिस्तान, दुबई तो कभी जर्मनी और अमेरिका के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर रहा है। क्या पता यह एक्सट्रा स्मार्ट भारत में ही हो या फिर यूपी में ही कहीं छिपकर बैठा हो और सबको गोल-गोल घुमा रहा हो। यूपी पुलिस के एक बड़े अफसर ने माना भी है कि इंटरनेट पर ऐसे कुछ सॉफ्टवेयर मौजूद हैं, जिनके जरिये ऐसे खेल किए जा सकतेे हैं। अब यह समझ नहीं आ रहा है कि ऐसी लिजलिजी दलील देने के बजाय ये महोदय इन खतरनाक सॉफ्टवेयर पर लगाम क्यों नहीं कसते।
बहरहाल, यह तो बाद में पता चलेगा कि यह धमकी कोई माफिया दे रहा था या हैकर्स या फिर...। लेकिन अब यूपी पुलिस ने जांच में मदद के लिए केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क किया है। इसके अलावा इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम से भी मदद मांगी है। आखिर इतना बड़ा प्रदेश जिसकी आबादी करीब 22 करोड़ है, (दुनिया में सिर्फ चार देशों की आबादी यूपी से ज्यादा है) वहां कि पुलिस खुद कब स्मार्ट होगी। साइबर अपराध से लडऩेे के लिए जरूरी इंतजाम कब तक जुटाएगी। कब तक दूसरों पर निर्भर रहेगी।

Published on:
25 May 2018 02:36 pm
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