महिला ने इस तरह लगाया कई लोगों को लाखों का चूना।
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लोन और सब्सिडी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोप में कविनगर पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कई लोगों ने शिकायत की थी। जांच में पता चला कि युवती अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुकी है। लोन और सब्सिडी दिलाने के अलावा महिला विधवा पेंशन दिलाने के नाम पर भी ठगी का काम करती थी।
दरअसल शास्त्री नगर में रहने वाले रवि शर्मा दिल्ली में गूगल डिजिटल सर्विसेज में काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले उनके घर पर एक युवती आरओ सिस्टम के बारे में बताने आई थी। बातों-बातों में युवती ने उनकी पत्नी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्लॉट दिलाने का आश्वासन दिया। उसने बुकिंग के नाम पर 12 हजार रुपये की मांग की। इस पर रवि की पत्नी ने उसे 6 हजार रुपये दे दिए और बाकी पैसे कुछ दिनों बाद देने को कहा। इसका पता चलने पर रवि ने जब युवती द्वारा दिए कागजातों की जांच की, तो वे फर्जी निकले।
दोबारा जब वह युवती आई तो उन्होंने उसकी पोल खोलते हुए पैसे वापस मांगे। इस पर उसने 6 हजार रुपये का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। इसके बाद रवि ने कविनगर थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर कविनगर प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई तो मामला सही पाया गया। महिला के खिलाफ आकाश नगर डासना के रहने वाले कपिल सिरोही सहित अन्य लोगों ने भी शिकायत दी थी। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी नेहा त्यागी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
कविनगर इंस्पेक्टर ने बताया कि नेहा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की रकम एडवांस में दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगती थी। इसके अलावा उसने कई विधवा महिलाओं से उनको पेंशन दिलाने के नाम पर भी रुपये ऐंठे थे। बदले में उसने पीड़ितों को जो चेक दिए, वे बाउंस हो गए। इसके बाद जब पीड़ित लोगों ने आरोपी से संपर्क किया तो उसने उन्हें 30 जून तक रकम लौटाने का वायदा किया था। पुलिस के मुताबिक अब तक नेहा ने दर्जनभर से ज्यादा लोगों से करीब 5 लाख रुपये ठगे थे।
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आरोपी नेहा का कहना है कि वह आरडीसी राजनगर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करती थी। सारा खेल कंपनी का मालिक पवन किया करता था। वह केवल लोगों के कागजात लेती थी। पवन एक मामले में जेल जा चुका है। नेहा के मुताबिक इसके बाद उसने वह नौकरी छोड़ दी। फिलहाल वह साहिबाबाद स्थित आरओ सिस्टम लगाने वाली एक कंपनी में काम करती है।