उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काम करने वाले लेबर और मजदूरों के प्रति जीतने संवेदनशील हैं, उनके अधिकारी उतने ही स्वार्थी। इसी वजह से मजदूरी मिल रही है, कम मिल रही है जैसी बातों का ख्याल रखने वाला श्रम विभाग भी इन गरीबो की कोई चिंता नहीं करता है। यही वजह है कि, प्राइवेट कंपनियां गरीबों का उत्पीड़न करती रहती हैं। नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरो के सामने कई महीने से सेलरी न मिलने से परेशान हैं। अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं, त्योहार भी नजदीक हैं। ऐसे में इन मजदूरो के सब्र का पैमाना टूट गया और हजारो की इकट्ठा हो कर प्रदर्शन करना शुरु कर दिया.
नोएडा के फेस टू स्थित होजरी कंपलेक्स में नारेबाजी करने को मजबूर इन मजदूरो कहना है कई महीने से सेलरी न मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है, किराए के मकान में रहते हैं किराया भी नहीं दे पा रहे हैं। मजबूरन में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, कंपनी में काम करने वाले रमन सिंह बताते हैं कि, पर हम यहां पर हम साढ़े नौ साल तक काम किए थे, 2020 में रिजाइन दे चुके हैं उसके बाद मुझे यहां पर कैजुवल में रख लिया गया था जब दो साल हो गए आज तक सैलरी नहीं मिली है। बस आश्वासन मिलता है.
इस कंपनी में काम करने वाले धीरेंद्र चौधरी बताते हैं कि यह कंपनी जब से बनी थी तब से वे यहां काम कर रहे हैं, वे कहते हैं कि 2021 में मैंने रिजाइन दे दिया था, लेकिन अब तक कोई हिसाब किताब नहीं दिया गया है, सारे रिकॉर्ड हटा दिए गए हैं मेरा पेंशन डीयू हो गया, लेकिन कंपनी कुछ नहीं कर रही है। ना हमारा पेंसन चालू करवा रही हैं ना पीएफ जमा हो रहा है लेकिन पैसा कट रहा है.
फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी छवि कहते हैं कि दो और तीन 3 महीने से सैलरी नहीं मिल रही है लॉकडाउन से पहले हमें ओवर टाइम काट डेढ़ गुना मिलता था वह भी बंद कर दिया है. 9 महीना से ओवर टाइम भी नहीं मिला है. मजदूरों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कोतवाली फेस टू पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और लेबर इंस्पेक्टर को भी मौके पर ही बुलाया गया है और कंपनी के मालिकों से बात कर इस मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है.