यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय को विश्व स्वास्थ्य संगठन के दूसरे सबसे बड़े ओहदे पर चुना गया
- डॉ. शिव चन्द्र माथुर, स्वास्थ्य नीति सलाहकार, मध्यप्रदेश स्टेट विजन इवेल्युएशन टीम के हेल्थ एडवाइजर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल पद पर भारत की डॉ. सौम्या स्वामिनाथन को नियुक्त किया गया है। यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय को विश्व स्वास्थ्य संगठन के दूसरे सबसे बड़े ओहदे पर चुना गया है।
यह हमारे देश के लिए गौरव का विषय है कि डॉ. सौम्या स्वामिनाथन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का डिप्टी डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है। यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय को विश्व स्वास्थ्य संगठन के दूसरे सबसे बड़े ओहदे पर चुना गया। फिलहाल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की डायरेक्टर जनरल के साथ ही वे भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य शोध विभाग की सचिव हैं।
डब्ल्यूएचओ ने डॉ. सौम्या स्वामिनाथन को टीबी, एचआईवी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रिसर्चर बताया है। वे भारत में हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामिनाथन की बेटी हैं। सौम्या स्वामिनाथन ने 2009 से 2011 तक यूनिसेफ के लिए कोऑर्डिनेटर के तौर पर भी काम किया था। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने जेनेवा में ट्रोपिकल बीमारियों के क्षेत्र में काम किया। ट्रोपिकल बीमारियां मच्छर जनित इलाकों में होती हैं।
यह उम्मीद की जानी चाहिए कि डॉ. सौम्या स्वामीनाथन के रिसर्च अनुभवों का फायदा डब्ल्यूएचओ की ओर से संचालित किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों में मिलेगा। सही मायने में स्वास्थ्य के लिहाज से संयुक्त राष्ट्र में हिन्दुस्तान की आवाज बुलंद होगी। डॉ. स्वामीनाथन संयुक्त राष्ट्र के एक समूह में पहले से ही काम कर रहीं है। यह समूह दुनिया भर में रोगाणुरोधी कार्यक्रमों को लेकर रिसर्च के लिए बनाया गया है।
डॉ. स्वामिनाथन ने 1992 में टीबी रिसर्च सेंटर चेन्नई में काम शुरू किया था। डॉ. सौम्या की इस नियुक्ति से स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अपेक्षाकृत कमजोर समझे जाने वाले एशिया और अफ्रीकी देशों को भी उम्मीदें बंधी है।