आपकी बात: बिना सोचे-समझे खरीदारी पर अंकुश के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
Also Read
View All
20 सितंबर 1995 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित 'पानी बने अर्थनीति का अंग' आलेख
कुलिश जी मानते थे कि जीवन, कृषि और सभ्यता का मूल आधार पानी है। वेदों में 'सर्वमापों मयं जगत' का उल्लेख करते हुए वे चेताते हैं कि विकास की दौड़ में यदि जल स्त्रोतों की उपेक्षा हुई तो भविष्य में सबसे बड़ा संकट पानी का ही होगा। इसलिए जलसंरक्षण को केवल पर्यावरण का विषय नहीं बल्कि देश की अर्थनीति का हिस्सा बनाना आवश्यक है।