16 साल की दिव्यांग जिया राय ने इंग्लिश चैनल तैरकर पार करते हुए इतिहास रच दिया है। वह अब दुनिया की सबसे कम उम्र की सबसे तेज महिला पैरा तैराक बन गई हैं। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीडि़त होने के बावजूद उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुंबई की 16 साल की दिव्यांग जिया राय इंग्लिश चैनल अकेले तैरकर पार करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की सबसे तेज महिला पैरा तैराक बन गई हैं। उन्होंने 28 से 29 जुलाई के बीच इंग्लैंड के एबॉट्स क्लिफ से फ्रांस के पॉइंट डे ला कोर्टे-ड्यून तक 34 किमी की दूरी 17 घंटे 25 मिनट में तय की। ‘ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर’ से पीडि़त होने के बावजूद जिया अंतरराष्ट्रीय ओपन वाटर पैरा तैराक हैं।
जिया ने इंग्लिश चैनल पार करने की उपलब्धि को ऑटिज्म की जागरूकता को समर्पित किया। वह मुंबई में सेवारत नौसेना कर्मी मदन राय की बेटी हैं। भारतीय नौसेना और मुंबई के पश्चिमी नौसेना कमान मुख्यालय ने उन्हें बधाई दी है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। इससे पीडि़त व्यक्ति को दूसरों से बातचीत, पढ़ने-लिखने और मेल-जोल बढ़ाने में परेशानियां आती हैं। उनका दिमाग अन्य लोगों के मुकाबले अलग तरीके से काम करता है।
तैराकी में जिया की कई उपलब्धियां हैं। उन्होंने 2022 में श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक पाक जलडमरू तैरकर पार किया था। उन्होंने 13 घंटे 10 मिनट में 29 किलोमीटर की दूरी तय कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वह कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार शामिल है। यह 18 साल से कम उम्र के नागरिकों के लिए सर्वोच्च पुरस्कार है।
जिया सातों महासागरों को तैरकर पार करने वाली दुनिया की पहली और सबसे कम उम्र की पैरा तैराक बनने के मिशन पर हैं। उनका मानना है कि किसी बड़े काम के लिए अगर एक बार ठान लिया जाए तो हर बाधा को पार किया जा सकता है। जिया राष्ट्रीय और राज्य ओपन वाटर सी-स्विमिंग चैंपियनशिप में भी पदक जीत चुकी हैं।