
India at Asian Games 2026: भारत ने महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया है। 5 राउंड की शूटिंग के बाद भारतीय तिकड़ी ने 328 अंक हासिल किए तो इतने ही राउंड के बाद चीन ने 346 अंक लेकर गोल्ड मेडल जीता। कुवैत ने 325 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। फाइनल इवेंट में नीरू धांडा ने पहले राउंड में 24, दूसरे में भी 24, तीसरे में भी 24, चौथे में 23 और पांचवें राउंड में 23 अंक हासिल किए। वहीं आशिमा अहलावत ने 20, 22, 23, 19 और 22 अंक हासिल किए। इसके अलावा मनीषा कीर ने 19, 21, 22 और 20 अंक हासिल किए। नीरू ने शानदार प्रदर्शन के दम पर इंडिविजुअल इवेंट के भी फाइनल में जगह बना ली।
आपको बता दें कि टीम इवेंट के 4 सबसे बेहतरीन शूटर को इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में जगह मिल गई है। हालांकि, इसमें अधिकतम एक देश के दो ही शूटर इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकते हैं। नीरू ने टीम इवेंट में 118 अंक हासिल किए, जो सबसे ज्यादा रहा। इसके अलावा कतर की बेसिल रेय ने भी 118 अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहीं। अब इंडिविजुअल इवेंट के लिए क्वालीफिकेशन राउंड से अन्य शूटर क्वालीफाई करेंगी।
ट्रैप वूमेंस टीम के फाइनल के लिए भारत, चीन, कुवैत के साथ कतर, जापान और कजाकिस्तान ने क्वालीफाई किया था। कजाकिस्तान 319 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहा, तो वहीं जापान ने भी 319 अंक हासिल किए और वह पांचवें स्थान पर रहा। कतर ने 324 अंक हासिल किए और एक अंक से मेडल से चूक गया।
भारतीय महिला टीम पहले राउंड से ही मेडल की रेस में बनी रही। पहले राउंड में जहां चीन ने बढ़त हासिल की और दूसरे राउंड में सबसे आगे निकल गया और अपने अंकों की संख्या 136 पहुंचा दी। हालांकि, दूसरे राउंड में जापान और कजाकिस्तान सबसे पीछे हो गए, जबकि 130 अंकों के साथ कुवैत, भारत और कतर दूसरे स्थान पर रहे।
तीसरे राउंड में भारतीय टीम दूसरे स्थान पर पहुंच गई और 199 अंक हासिल कर लिए, जबकि कुवैत 197 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गया। इसके बाद चौथे राउंड में भारतीय टीम तीसरे स्थान पर खिसक गई और उसने 263 अंक बनाए, जबकि कुवैत दूसरे स्थान पर पहुंच गया, जहां उसने 265 अंक हासिल किए। इस दौरान चीन ने 278 अंक हासिल कर सबसे आगे निकल गया और चौथे राउंड में ही उसका गोल्ड मेडल कंफर्म हो गया था।
पांचवें राउंड में भारतीय तिकड़ी ने शानदार वापसी की और अपने कुल अंकों की संख्या 328 पहुंचा दी, जबकि कुवैत का प्रदर्शन आखिरी राउंड में खराब रहा और वह 325 अंक ही जुटा पाया, जिससे उसे ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।