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CWG 2026: 100 मीटर टी47 में दिलीप गावित ने गोल्ड तो मोहम्मद बासिल ने जीता सिल्वर मेडल, जानें कितनी हुई भारत के पदकों की संख्‍या

CWG 2026: कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में बुधवार देर रात पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्‍पर्धा में दिलीप गावित ने जहां गोल्‍ड मेडल तो वहीं मोहम्‍मद बासित सिल्‍वर मेडल जीता है। अब भारत के पदकों की संख्‍या तीन स्‍वर्ण के साथ कुल 15 हो गई है।
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Jul 30, 2026
Dilip Gavit and Mohammad Basit, CWG 2026
कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में स्‍वर्ण और रजत पदक जीतने वाले दिलीप गावित और मोहम्‍मद बासित। (फोटो सोर्स: IANS)

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बुधवार रात पैरा एथलीट्स ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में दो पदक डाले हैं। पुरुषों की 100 मीटर टी47 फाइनल स्पर्धा में दिलीप गावित ने 10.71 सेकंड के समय के साथ स्‍वर्ण पदक पर कब्‍जा करते हुए सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वहीं, मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकंड (सीजन बेस्ट) के साथ रजत पदक जीता है। दिलीप पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट हैं। साथ ही महिला शॉट पुट एफ57 इवेंट में शर्मिला के स्‍वर्ण पदक के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले कुल मिलाकर वह दूसरे भारतीय पैरा एथलीट बन गए हैं।

3 गोल्‍ड के साथ भारत ने अब तक जीते कुल 15 पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का यह तीसरा गोल्ड मेडल है। गावित अब वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और महिला शॉट पुट एफ57 में शर्मिला के साथ स्‍वर्ण पदक जीतने वालों की सूची में शामिल हो गए हैं। पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में शानदार फिनिश के बाद इस सीजन में 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत के पदकों की कुल संख्या 15 हो गई है।

भारत के लिए ऐतिहासिक 100वां मेडल

महाराष्ट्र के नासिक के पास तोरण डोंगरी गांव में जन्मे दिलीप गावित ने एशियन पैरा गेम्स 2022 में पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्‍पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। उन्‍होंने इन खेलों में भारत के लिए ऐतिहासिक 100वां मेडल हासिल किया। उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में पुरुषों की 400 मीटर टी47 इवेंट के फाइनल में पहुंचकर देश का मान बढ़ाया था।

कड़ी मेहनत और अनुशासित ट्रेनिंग के दम पर जीता सिल्‍वर

वहीं, बासिल केरल के मलप्पुरम जिले के एक छोटे से तटीय शहर वेलियानकोड के मूल निवासी हैं। बासिल कोच श्रीनिवासन की देखरेख में एलएनसीपीई-साई, तिरुवनंतपुरम में ट्रेनिंग के साथ-साथ डिग्री कोर्स भी कर रहे हैं। कड़ी मेहनत और अनुशासित ट्रेनिंग के दम पर वह भारत के सबसे होनहार पैरा स्प्रिंटर्स में से एक बनकर उभरे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने खुद को साबित करते हुए अपने शहर का नाम दुनिया भर में रोशन कर दिया है।

Updated on:
30 Jul 2026 07:33 am
Published on:
30 Jul 2026 07:33 am