
Gyaneshwari Yadav wins silver medal in CWG 2026: भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सोमवार को भारत की झोली में रजत पदक डाला है। उन्होंने कड़ी मेहनत की और गोल्ड मेडल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। लेकिन, वह नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह को नहीं पछाड़ सकीं। भारतीय खिलाड़ी ने कुल 199 किलो वजन उठाया, जिसमें 88 किलो स्नैच और 111 किलो क्लीन एंड जर्क शामिल थे। इस तरह उन्होंने भारत को ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 5वां पदक दिलाया।
ज्ञानेश्वरी यादव शुरू से ही शांत नजर आईं। उन्होंने आराम से 82 किलोग्राम वजन उठाया और फिर अपनी दूसरी कोशिश में दीदीह के साथ 85 किलोग्राम का मुकाबला किया। फिर उन्होंने अपनी आखिरी लिफ्ट में शानदार 88 किलो वजन उठाकर मेडल की उम्मीदें और मजबूत कर लीं। हालांकि, नाइजीनियन दीदीह ने शानदार अंदाज में जवाब दिया। नाइजीरियाई ने अपनी आखिरी स्नैच कोशिश में 93 किलो वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया और क्लीन एंड जर्क में बढ़त बना ली और ज्ञानेश्वरी पहले सिल्वर मेडल की दौड़ में बनी रहीं।
क्लीन एंड जर्क दोनों लिफ्टर्स के बीच एक रोमांचक मुकाबला हुआ। ज्ञानेश्वरी ने पहले अटैक किया और अपनी पहली ही कोशिश में 103 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। डिडिह ने तुरंत जवाब दिया और अपना शुरुआती वजन बढ़ाकर 104 किलोग्राम कर लिया और बढ़त भी हासिल कर ली।
फिर नाइजीरियाई ने 105किलो उठाकर एक बार फिर लेवल ऊपर उठाया,और एक बार फिर गेम्स और कॉमनवेल्थ दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए। वहीं, ज्ञानेश्वरी ने अपनी दूसरी कोशिश में शानदार 107 किलोग्राम उठाकर जवाब दिया और वह कुछ देर के लिए गोल्ड मेडल की पोजीशन पर वापस आ गईं और रिकॉर्ड बुक भी फिर से लिख दी।
हालांकि, डिडिह कहां रुकने वाली थीं। उन्होंने एक और जवाब दिया। उन्होंने कामयाबी से 110 किलोग्राम उठाकर बढ़त और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड दोनों वापस पा लिए और फिर 113 किलोग्राम का बड़ा लिफ्ट लेकर गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा कर लिया। यहां से गोल्ड ज्ञानेश्वरी की पहुंच से बाहर हो गया था, लेकिन उन्होंने अपना कैंपेन शानदार तरीके से खत्म किया। उन्होंने अपने अंतिम प्रयास में 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन किया और 199 किग्रा के कुल वजन के साथ रजत पदक पक्का किया। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।