Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक खेलों के दुनिया के कई देशों से मेजबान फ्रांस ने सुरक्षा के लिए मदद मांगी है। भारत से 10 सदस्यीय स्पेशल सुरक्षा दल पेरिस पहुंच गया है।
Paris Olympics 2024: 26 जुलाई से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक खेलों में मेजबान फ्रांस के लिए सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा है। इसे लेकर फ्रांस की सरकार ने कमर कस ली है और खास बात यह है कि पेरिस ओलंपिक की सुरक्षा में भारत भी सहयोग कर रहा है। हाल ही में भारत से 10 सदस्यीय स्पेशल सुरक्षा दल पेरिस पहुंचा। इसका नाम के-9 यूनिट है और यह एक खास स्वान दल है, जोपेरिस ओलंपिक के दौरान फ्रांस के साथ मिलकर खेलों की सुरक्षाका जिम्मा संभालेगा। इस दल का स्वागत फ्रांस में स्थित भारतीय राजदूत जावेद अशरफ ने किया।
फ्रांस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत की के-9 यूनिट के अलावा दुनियाभर से करीब 40 मिलिट्री स्वान यूनिट को सुरक्षा मेंमदद करने के लिए फ्रांस बुलाया गया है। इन स्वान यूनिट काइस्तेमाल विस्फोटक पदार्थों का पता लगाने के लिए किया जाएगाताकि सुरक्षा टीमों को खतरे से निपटने में मदद मिल सके। इन यूनिटों को पूरे फ्रांस में अहम स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
पेरिस ओलंपिक खेलों पर आतंकवादी हमलों का खतरा है। पेरिस पुलिस प्रमुख, लॉरेंटनुनेज ने सुरक्षा चिंताओं पर कहा, हम आतंकवाद के खतरे के बारे मेंचिंतित हैं, विशेष रूप से इस्लामी आतंकवाद के साथ-साथ कट्टरपंथी पर्यावरणविदों, वामपंथी, चरमपंथियों और फिलिस्तीन समर्थक आंदोलन इन खेलों के दौरान नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- पेरिस ओलंपिक खेलों के दौरान करीब एक लाख जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। इसमें पुलिस और सेना के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
-30 हजार पुलिस अधिकारियों के अलावा 45 हजार सशस्त्र पुलिकर्मी सीन नदी पर आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह के दौरान तैनात होंगे।
- सेना के 18 हजार जवानों के अलावा सैकड़ों की संख्या में ड्रोन भी पेरिसमें चप्पे-चप्पे की सुरक्षा करेंगे।