B Sai Praneeth दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिन में पदक जीता है। 36 साल पहले 1983 में प्रकाश पादुकोण ने कांस्य पदक जीता था।
बासेल : भारत की शीर्ष महिला शटलर पीवी सिंधु ( PV Sindhu ) ने शनिवार को स्विट्जरलैंड में चल रहे बीडब्लूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप-2019 के महिला एकल मुकाबले में फाइनल में जगह बना लिया है। वहीं पुरुष एकल मुकाबले में बी साई प्रणीत ( B Sai Praneeth ) अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गए। अब उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा।
सिंधु ने चीन की चेन यू फेई को दी मात
पीवी सिंधु विश्व नंबर-3 चीन की चेन यू फेई को सीधे दो गेम में 21-7, 21-14 से मात दी। यह मुकाबला 40 मिनट तक चला। इसी के साथ सिंधु ने अपना रजत पदक पक्का कर लिया। विश्व रैंकिंग में पांचवें पायदान पर काबिज सिंधु ने मैच की शुरुआत दमदार तरीके से की और पहले गेम को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। शुरुआत में ही 6-2 से बढ़त बना ली और पहले ब्रेक तक अपनी बढ़त को 11-3 तक पहुंचा दिया। ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू ने ब्रेक के बाद भी अपना शिकंजा कायम रखा और 21-7 से पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम की शुरुआत में बराबरी की टक्कर देखने को मिली, लेकिन पहले ब्रेक तक सिंधु ने चीनी खिलाड़ी पर 11-7 की बढ़त बना ली। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। 15-8 से आगे होने के बाद 21-14 यह गेम अपने नाम कर फाइनल में जगह बना ली।
विश्व नंबर-1 मोमोटा से हारे प्रणीत
एक सप्ताह पहले ही अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुने गए भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बी साई प्रणीत को दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जापान के केंटो मोमोटा ने 13-21, 8-21 से मात दी। इसी के साथ मोमोटा ने प्रणीत के खिलाफ 4-2 का करियर रिकॉर्ड कर लिया है। इसी के साथ लगातार दूसरे साल मोमोटा विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंच गए। पिछले साल उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। मोमोटा ने 41 मिनट में प्रणीत को हराया।
पदक जीतने वाले दूसरे पुरुष भारतीय शटलर बनें प्रणीत
हार के बावजूद प्रणीत कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। वह दूसरे भारतीय हैं, जिन्होंने बीडब्लूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता है। उनसे पहले भारत के दिग्गज शटलर प्रकाश पादुकोण विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। उन्होंने 36 साल पहले 1983 में पदक जीता था।