Vinesh Phogat Grand Welcome: विनेश फोगाट आज शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची। विनेश के एयरपोर्ट उतरते ही उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर साक्षी और बजरंग के साथ कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहे। अपनों के बीच आकर विनेश फोगाट फूट-फूटकर रोती नजर आईं।
Vinesh Phogat Grand Welcome: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट आज शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। सैकड़ों की संख्या में फैंस सुबह से ही एयरपोर्ट पर बैनर झंडे लेकर पहुंच गए थे। विनेश के एयरपोर्ट उतरते ही उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर साक्षी और बजरंग के साथ कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहे। अपनों के बीच आकर विनेश फोगाट फूट-फूटकर रोती नजर आईं। बता दें कि विनेश फोगाट के भारत आने को देखते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहले ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फैंस की बड़ी संख्या को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
ज्ञात हो कि पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट को बेहद मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा, जब उन्हें आधिकारिक वजन के दौरान 100 ग्राम अधिक वजन पाए जाने के बाद 50 किलोग्राम स्वर्ण पदक मैच से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उन्होंने ओलंपिक पोडियम तक न पहुंचने पर गहरा दुख व्यक्त किया था, अपनी व्यक्तिगत निराशा को भारत में महिलाओं के अधिकारों के लिए व्यापक संघर्ष से जोड़ा था, जिसे उन्होंने पूर्व कुश्ती महासंघ प्रमुख के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन में समर्थन दिया था।
विनेश की अयोग्यता की परिस्थितियों के बारे में उनके कोच वोलेर अकोस ने विस्तार से बताया है, जिन्होंने वजन की आवश्यकता को पूरा करने में मदद करने के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन किया है। पेरिस खेलों के दौरान विनेश को प्रशिक्षित करने वाले अकोस ने शुक्रवार रात फेसबुक पोस्ट में खुलासा किया कि अंतिम वेट-इन से एक रात पहले विनेश को खतरनाक वजन-कम करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
सेमीफाइनल के बाद विनेश का वजन 2.7 किलोग्राम अतिरिक्त था, हमने एक घंटा बीस मिनट तक एक्सरसाइज की, लेकिन फिर भी 1.5 किलो वजन बना रहा। फिर सोना बाथ के 50 मिनट बाद उस पर पसीने की एक बूंद भी नहीं दिखाई दी। इसके बाद कोई विकल्प नहीं बचा था और आधी रात से सुबह 5:30 बजे तक, वह अलग-अलग कार्डियो मशीनों और कुश्ती चालों पर काम करती रही, एक बार में लगभग तीन-चौथाई घंटे, दो-तीन मिनट के आराम के साथ वह फिर शुरू हो गई। वह गिर गई, लेकिन किसी तरह हमने उसे उठाया और उसने सोना में एक घंटा बिताया अकोस ने लिखा कि 'मैं जानबूझकर नाटकीय विवरण नहीं लिखता, लेकिन वह मर सकती थी।