Paris Olympics 2024: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने कहा है कि महासंघ ही टीम का चयन करेगा और इसमें भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की कोई भूमिका नहीं होगी। महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने साफ कहा कि टीम चुनने के लिए नए सिरे से ट्रायल होंगे।
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 गेम्स की शुरुआत में अब सिर्फ दो महीने शेष रह गए हैं, लेकिन भारतीय कुश्ती में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने साफ कहा कि पेरिस ओलंपिक 2024 में कौन सा पहलवान जाएगा? इसका फैसला भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) नहीं, बल्कि महासंघ करेगा। गौरतलब है कि अभी तक भारत के छह पहलवानों ने ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया है।
संजय सिंह ने कहा कि पेरिस ओलंपिक जाने वाले पहलवानों की टीम चुनने का काम महासंघ का है। इसमें किसी ओर की दखलअंदाजी नहीं होगी। महासंघ ही पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए अंतिम टीम का चयन करेगा और इसके लिए नए सिरे से ट्रायल भी आयोजित कराए जाएंगे।
पहले ऐसी खबरें थीं कि आईओए पेरिस ओलंपिक में जाने वाले पहलवानों पर अंतिम फैसला लेगा, लेकिन डब्ल्यूएफआई ने इन तमाम अटकलों को सिरे खारिज कर दिया है। संजय सिंह ने कहा, हमें यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) से मंजूरी मिल गई है। टीम चुनना हमारा कर्तव्य होगा और सभी फैसले हम करेंगे।
2020 टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारत के कुल सात पहलवानों ने शिरकत की थी और दो पदक जीते थे, लेकिन इस बार सिर्फ छह पहलवान ही ओलंपिक का टिकट हासिल कर सके हैं।
भारत के पुरुष पहलवानों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पेरिस ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले अमन सहरावत (57 किग्रा) एकमात्र भारतीय पुरुष पहलवान हैं। वहीं, टोक्यो में तीन पहलवान उतरे थे।
2020 टोक्यो ओलंपिक में चार महिला पहलवान उतरी थीं। लेकिन इस बार पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए ज्यादा महिला पहलवानों ने क्वालीफाई किया है। कोटा हासिल करने वाली महिला पहलवानों में अंतिम पंघाल (53 किग्रा), विनेश फोगट (50 किग्रा), अंशू मलिक (57 किग्रा) और रीतिका हुडा (76 किग्रा), निशा दहिया (68 किग्रा) शामिल हैं।