Sangram Singh: आर्थराइटिस के कारण आठ साल की उम्र तक संग्राम सिंह व्हीलचेयर पर रहे थे। लेकिन हालात से समझौता करने के बजाय संग्राम अपने सैनिक पिता उम्मेद सिंह की मदद से अपने पैरों पर खड़े होने में सफल रहे और मिक्स्ड मार्शल आर्ट खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने।
Sangram Singh: बचपन में आर्थराइटिस की बीमारी से पीडि़त संग्राम सिंह को आठ साल की उम्र तक व्हीलचेयर पर रहना पड़ा, लेकिन हालात से समझौता करने के बजाय संग्राम अपने सैनिक पिता उम्मेद सिंह की मदद से अपने पैरों पर खड़े होने में सफल रहे और पेशेवर कुश्ती में अपनी खास पहचान बनाई। संग्राम ने जॉर्जिया के त्बिलिसी में संपन्न गामा इंटरनेशनल फाइटिंग चैंपियनशिप में अपने पहले मिक्स्ड मार्शल आर्ट (MMA) मुकाबले में जीत दर्ज की और इसके साथ ही वे यह उपलिब्ध हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष पहलवान बन गए हैं। उन्होंने महज एक मिनट 30 सेकंड में पाकिस्तान के अली रजा नासिर को हराया।
संग्राम ने 1999 में दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के बाद अपने कुश्ती करियर की शुरुआत की थी। 2005 में उन्होंने ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में अपना पहला पदक जीता था। संग्राम कॉमनवेल्थ हैवीवेट कुश्ती चैंपियनशिप में खिताब जीतने के साथ ही पेशेवर कुश्ती में अपनी खास पहचान बनाने में सफल रहे। उन्होंने 2015 और 2016 में लगातार दो खिताब जीते।
संग्राम सिंह समाज सेवा भी करते हैं, वे कई संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। वहीं मोटिवेशनल कोच की भूमिका भी निभाते हैं। वे अपने जीवन से जुड़े किस्सों से स्कूल व कॉलेज में युवाओं को प्रेरित करते हैं। संग्राम फिट इंडिया आइकन के रूप में भी काम करते हैं। इसके अलावा वे विकसित भारत और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों के ब्रांड एंबेसडर भी हैं जो भारत के युवाओं के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत करता है।
संग्राम खेल के साथ-साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई रिएलिटी शो में हाथ आजमा चुके हैं। वे बिग बॉस-7 और नच बलिए-7 जैसे शोज में काम कर चुके हैं। इसके अलावा भी टीवी व फिल्मों में उन्होंने कई किरदार निभाए हैं।
भारतीय रेसलर संग्राम सिंह ने कहा कि मुझे देश का प्रतिनिधित्व करते हुए यह जीत हासिल करने पर बहुत गर्व है। यह जीत भारत में एमएमए के बेहतर भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह व्यक्तिगत उपलब्धि से बढ़कर है।