
Diljit Dosanjh Satluj Political Row: आने वाले कुछ ही महीनों में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। वहीं, अब राज्य में OTT प्लेटफॉर्म Zee5 से दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने से एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर SGPC (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) और शिरोमणि अकाली दल ने इस फिल्म का समर्थन किया है। बता दें कि दिलजीत दोसांझ और अर्जुन रामपाल स्टारर फिल्म 'सतलुज' की कहानी एक एक्टिविस्ट के संघर्ष पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में उग्रवाद के चरम पर होने के दौरान गैर-न्यायिक हत्याओं (एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स) का पर्दाफाश किया था। फिल्म को भारत में OTT से हटाए जाने के बाद SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर फिल्म का समर्थन करते हुए युवाओं से इसे देखने की अपील की है।
SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने फिल्म को सपोर्ट करते हुए X (पहले ट्विटर) पर कहा, "भारत में ZEE5 से 'सतलुज' को मनमाने ढंग से हटाए जाने से हैरान और दुखी हूं। एक दमदार फिल्म जो निडर होकर पंजाब के दर्दनाक इतिहास को सामने लाती है और सरदार जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करती है, उसे इस तरह दबाया नहीं जा सकता। यह सिर्फ सेंसरशिप नहीं है, बल्कि यह हमारी सामूहिक अतीत, सच्चाई और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।" इसके आगे उन्होंने कहा, "मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का सामना ईमानदारी से करना चाहिए, न कि उसे दबाकर।"
जानकारी के लिए बता दें कि 'सतलुज' फिल्म Zee5 पर सिर्फ दो दिन ही चल पाई। बीती 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्म को रविवार (5 जुलाई) को हटा दिया गया, जबकि पहले इसके रिलीज के लिए दूसरे रास्ते तलाशने का वादा किया गया था।
सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा, "यह फिल्म उस दौर की सच्ची घटनाओं को सामने लाने की कोशिश करती है जब पंजाब मुश्किल दौर से गुजर रहा था। जसवंत सिंह (दिलजीत दोसांझ का किरदार) ने कथित फजी पुलिस एनकाउंटर और लोगों के गायब होने के मामलों को सामने लाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। हम पंजाब के युवाओं से अपील करते हैं कि वो यह फिल्म देखें, क्योंकि इससे उन्हें पंजाब के इतिहास और जसवंत सिंह खालरा के योगदान को समझने का मौका मिलेगा।"
वहीं, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हां, उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। लेकिन इसमें राजनीति की कोई जरूरत नहीं है। अगर कोई फिल्म तथ्यों पर आधारित है, तो ठीक है, लेकिन राजनीति की जरूरत नहीं है।"
हालांकि, AAP नेता और पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने इस विवाद को कम करने की कोशिश करते हुए कहा, "ये फिल्म लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन किसी को भी इसके कंटेंट के बारे में साफ तौर पर पता नहीं है। कहा जाता है कि यह फर्जी एनकाउंटर पर आधारित है। फैक्ट्स जनता के सामने आने चाहिए, क्योंकि अच्छी और बुरी दोनों तरह की घटनाएं इतिहास का हिस्सा होती हैं। हालांकि, ऐसे तथ्यों को इस तरह से पेश किया जाना चाहिए जिससे भविष्य में भाईचारे और एकता को नुकसान न पहुंचे।"
इससे पहले, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने भी 'सतलुज' का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "आज भी, मैंने एक रिपोर्ट पढ़ी कि कितने फर्जी एनकाउंटर हुए हैं। जिम्मेदार लोगों को कानूनी अधिकारियों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। गैर-कानूनी हत्याओं के कारण माताओं का अपने बेटों को खोना बहुत गलत बात है।"
फिल्म हो ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में, दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने फिल्म का एक सीन और एक दमदार कैप्शन पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "मैं अंधेरे को चुनौती देता हूं।" इसके आगे उन्होंने पंजाबी में कहा, "जो सतलुज के साथ हुआ, वही शहीद जसवंत सिंह खालरा के साथ भी हुआ।"
जानकारी के लिए बता दें कि ये फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जो कथित हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कार के मामलों का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते थे। उनका जन्म 1952 में अमृतसर के खालरा गांव में हुआ था। वो एक बैंक कर्मचारी थे, बाद में वे पूरी तरह से सामाजिक कार्यकर्ता बन गए।
बता दें कि शुरुआत में 'सतलुज' का नाम 'पंजाब 95' था। इसे 2022 में सर्टिफिकेशन के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास भेजा गया था। और लगभग तीन साल तक इस प्रक्रिया में फंसी रही। पहले फिल्म के निर्माता ने आरोप लगाया था कि CBFC ने फिल्म में 127 कट लगाने को कहा था। आखिरकार, इसे 3 जुलाई को ZEE5 पर 'सतलुज' नाम से रिलीज किया गया और इसे दर्शकों का बहुत अच्छा रिस्पॉन्स भी मिला।
OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी कर कहा कि वो फिल्म को रिलीज करने के लिए दूसरे तरीकों पर विचार कर रहे हैं। साथ ही उनकी टीम की तरफ से ये भी कहा गया, "रिलीज के बाद से 'सतलुज' को जो प्रतिक्रिया मिली है, वो वाकई जबरदस्त रही है। हम उन सभी दर्शकों के बहुत आभारी हैं जिन्होंने इस फिल्म को सब्सक्राइब किया, देखा और इसे सराहा। आपका प्यार और समर्थन हमारे लिए और उन सभी लोगों के लिए बहुत मायने रखता है जिन्होंने इस कहानी को पर्दे पर उतारा है।"
"ZEE5 में, हम 'सतलुज' और इसके पीछे की रचनात्मक सोच के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमारा मानना है कि दमदार कहानी कहने की कला में प्रेरित करने, लंबे समय तक याद रहने और गहरा असर छोड़ने की क्षमता होती है। हम सच्ची और सार्थक कहानियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए, 'सतलुज' अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम सही प्रक्रिया अपनाकर हर उचित तरीके से इस फिल्म को जल्द से जल्द अपने दर्शकों तक वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"