
Rasika Dugal on Mirzapur Bina Tripathi: हाल ही में सैफ अली खान के 'कर्तव्य' फिल्म में नजर आयीं और 'मिर्जापुर' में बीना त्रिपाठी और 'दिल्ली क्राइम' में नीति सिंह जैसे दमदार किरदार निभाकर इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस रसिका दुग्गल ओटीटी की सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं। मगर इस मुकाम तक पहुंचना रसिका के लिए आसान नहीं था, इसके लिए उन्होंने कई कई घंटे ऑडिशन के लिए इंतजार किया, कई फिल्मों में काम करने के बावजूद सीन काट दिए गए। हाल ही में इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में रसिका ने अपने स्ट्रगल, ऑडिशन के दिनों और 'मिर्जापुर' मिलने के अनुभवों को साझा किया।
वेबसीरीज 'मिर्जापुर' में बीना त्रिपाठी की भूमिका के बारे में बात करते हुए रसिका ने बताया कि इसकी कहानी भी काफी दिलचस्प रही। रसिका ने बताया कि वो शो के क्रिएटर करण अंशुमन को पहले से जानती थीं। उन्होंने बताया कि एक दोस्त के कहने पर उन्होंने हिचकिचाते हुए करण को मैसेज किया। उन्हें डर था कि कहीं ये अजीब न लगे, लेकिन करण ने तुरंत जवाब देकर मिलने के लिए बुला लिया। इसके आगे उन्होंने बताया, 'करण ने कहा कि उन्होंने पहले इसलिए मुझसे कॉन्टैक्ट नहीं किया क्योंकि उन्हें लगा था कि रसिका अब सिर्फ फिल्मों में काम करना चाहती हैं।
एक्ट्रेस ने आगे कहा, "जब मैंने पहली बार बीना त्रिपाठी का किरदार पढ़ा तो मैं हैरान रह गई। ये किरदार मेरे करियर के अब तक के निभाए गए सभी किरदारों से बहुत अलग था। मुझे इतना डर था कि कहीं मेकर्स अपना फैसला बदलकर मुझे रिप्लेस न कर दें।
रसिका दुग्गल ने ये भी बताया कि 'मिर्जापुर' और 'दिल्ली क्राइम' वेबसीरीज लगभग एक ही समय पर OTT पर रिलीज हुईं थीं। दोनों में उनके किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे। इसके आगे उन्होंने कहा कि शायद यही वजह रही कि मुझे एक ही तरह के रोल में सीमित नहीं किया गया। आज भी दर्शक उन्हें उनके किरदारों के नाम से याद करते हैं, जिसे वो अपने अभिनय की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानती हैं।
रसिका ने ये भी बताया कि फिल्म 'किस्सा' के बाद और 'मंटो' मिलने से पहले उनके हाथ से कई प्रोजेक्ट निकल गए थे। निर्माताओं को लगता था कि वो कोई बड़ा नाम नहीं हैं। ऐसे समय में निर्देशक नंदिता दास ने फिल्म 'मंटो' के लिए उनका सपोर्ट किया और उन पर विश्वास किया। रसिका मानती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार कास्टिंग सही समय और सही मौके का भी खेल होती है।
रसिका दुग्गल ने कहा कि वह ऐसे रोल नहीं करना चाहतीं, जिनमें महिला किरदार सिर्फ दिखावे के लिए हो और कहानी में उसका कोई खास महत्व न हो। उनके लिए कहानी और किरदार की गहराई सबसे ज्यादा मायने रखती है। हालांकि, दोस्तों के लिए वो छोटे रोल या गेस्ट अपीयरेंस करने से पीछे नहीं हटतीं। उन्होंने फिल्म 'लॉग आउट' में बाबिल खान के साथ इसी वजह से काम किया।
बता दें कि रसिका दुग्गल ने अपने करियर की शुरुआत छोटे-छोटे किरदारों से की थी। उन्होंने बताया, 'मैं रोज सुबह ऑडिशन देने निकलती थी और स्टूडियो के बाहर घंटों इंतजार करती थी। मैंने करीब 14 फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाई थीं, लेकिन उनमें से कई फिल्मों में मेरे सीन एडिटिंग के दौरान हटा दिए गए।' बावजूद इसके रसिका दुग्गल ने कभी हार नहीं मानी। इस पर बात करते हुए उन्होंने बताया, 'उस मुश्किल दौर में मेरे एफटीआईआई (FTII) के दोस्तों और थिएटर कम्युनिटी ने मेरा बहुत साथ दिया। यही वजह थी कि संघर्ष के बावजूद मुझे कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ।' रसिका के मुताबिक, सफलता का श्रेय केवल मेहनत को नहीं, बल्कि सही समय पर मिले अवसरों को भी जाता है।