
सोनम वांगचुक और आमिर खान की फोटोज। (फोटो सोर्स: X-@Wangchuk66 and IMDb)
Sonam Wangchuk on 3 Idiots: इंजीनियर, शिक्षक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण चर्चा में हैं। ये हड़ताल 28 जून को शुरू हुई थी, जिसमें NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। विरोध शुरू होने के बाद से 18 दिनों में वांगचुक का वजन 8 किलो से ज्यादा कम हो गया है और उनका ब्लड प्रेशर भी गिर गया है, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनकी हालत के बारे में जानकारी मिलने पर कई अभिनेता उनके सपोर्ट में सामने आए। इनमें ओमी वैद्य भी शामिल थे, जिन्होंने '3 इडियट्स' में चतुर् रामलिंगम का मशहूर किरदार निभाया था। सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर रिएक्शन देते हुए उन्होंने लिखा, "मैं नहीं चाहता कि फुंसुक वांगडू की मौत हो।"
बता दें कि लोगों और सिने प्रेमियों का मानना है कि साल 2009 में रिलीज हुई '3 इडियट्स' में आमिर खान का किरदार 'फुंसुक वांगडू' सोनम वांगचुक से प्रेरित था। हालांकि, वांगचुक ने हमेशा खुद को इस फिल्म से अलग रखा है। उनका कहना है कि फिल्म बनाते समय उनसे कभी सलाह नहीं ली गई, उन्होंने कभी अपनी सहमति नहीं दी, और बाद में जब उन्होंने फिल्म निर्माताओं को पत्र लिखकर अपने काम और जिंदगी के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने एक बार दावा किया था, "वे चुपके से मेरे स्कूल में फिल्म की शूटिंग करने आए थे।"
'कौन बनेगा करोड़पति' में अमिताभ बच्चन से बात करते हुए वांगचुक ने अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा, "अगर आप कहें कि फिल्म मुझसे प्रेरित है, तो मैं इससे इनकार नहीं करूंगा। बहुत से लोग कहते हैं कि फिल्म मुझ पर आधारित है, लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूं। सही शब्द यह होगा कि यह शायद प्रेरित या प्रभावित रही हो। साथ ही, मैं नहीं चाहता कि देश के लोग किसी बात को सिर्फ इसलिए मान लें क्योंकि वो किसी फिल्म से जुड़ी है। इसलिए, भले ही फिल्म मुझसे प्रभावित हो, मुझे इस पर कोई खास गर्व नहीं है। और अगर यह मुझसे प्रेरित नहीं है, तो मुझे इसका कोई अफसोस भी नहीं है।"
सोनम वांगचुक ने बताया कि साल 2008 में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात आमिर खान से हुई थी। उस दौरान उन्होंने आमिर को सियाचिन विवाद पर फिल्म बनाने का सुझाव दिया था। उनका मानना था कि दोनों देशों के बीच शांति और शिक्षा जैसे मुद्दों को फिल्मों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। आमिर ने उनकी बातें ध्यान से सुनी थीं और उनके काम की प्रस्तुति भी देखी थी।
जोश टॉक्स सेशन में सोनम वांगचुक ने ये भी दावा किया था कि फिल्म बनने से पहले किसी ने उनसे कॉन्टैक्ट नहीं किया था। उन्होंने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि फिल्म की टीम उनके स्कूल पहुंची थी, लेकिन इसकी कोई जानकारी उनके साथ शेयर नहीं की गई थी। स्कूल प्रशासन ने कुछ शर्तों के कारण वहां शूटिंग की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग दूसरे स्कूल में की गई। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद उन्होंने मेकर्स को लेटर लिखकर नाराजगी जताई थी, लेकिन उन्हें कभी कोई जवाब नहीं मिला।
इसके आगे उन्होने कहा कि फिल्म रिलीज के समय जाने-माने लेखक चेतन भगत और निर्माताओं के बीच क्रेडिट को लेकर विवाद चल रहा था। इसी वजह से उन्होंने उस समय पब्लिकली कोई आपत्ति नहीं जताई, क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि लोग इसे मुआवजा मांगने की कोशिश समझें।
सोनम वांगचुक का कहना है कि उन्हें फिल्मों से नहीं बल्कि अपने सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों से पहचाना जाना पसंद है। उनका मानना है कि भारत में फिल्मों और क्रिकेट को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है, जबकि वास्तविक जीवन में किए गए इनोवेशन और योगदान पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए।
Updated on:
15 Jul 2026, 4:51 PM IST
Published on:
15 Jul 2026, 4:43 PM IST
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