
सोनम वांगचुक के सपोर्ट में अनुराग कश्यप (सोर्स: Instagram-AnuragKashyap/azmishabana18)
Anurag Kashyap stands with Sonam Wangchuk: फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का सपोर्ट करते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अनुराग ने सोशल मीडिया पर कहा कि जब व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो जाती है, तब ये बेहद चिंताजनक स्थिति होती है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 18वें दिन अनुराग कश्यप का ये बयान सामने आया है। इससे पहले जीनत अमान, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, स्वरा भास्कर, ओमी वैद्य, शबाना आजमी, अभय देओल और वरुण ग्रोवर सहित कई फिल्मी हस्तियां भी उनके सपोर्ट में अपनी बात रख चुकी हैं।
अनुराग कश्यप ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि एक समय था जब भूख हड़ताल का महत्व होता था और कोई भी व्यक्ति यूं ही इस रास्ते को नहीं चुनता। उन्होंने कहा कि केवल वही व्यक्ति ऐसा कदम उठा सकता है, जिसे सच और न्याय पर भरोसा हो। इसके साथ ही, उन्होंने लिखा कि उनके भीतर वो साहस नहीं है जो सोनम वांगचुक ने दिखाया है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी बेहद परेशान करने वाली है। अनुराग ने कहा कि वो सोनम वांगचुक जैसे साहसी व्यक्ति के साथ खड़े हैं। दरअसल, एक अन्य पोस्ट में उन्होंने सत्ता पर कमेंट करते हुए लिखा कि अब चुप रहना भी शर्मनाक लगने लगा है।
बता दें, मंगलवार को एक्ट्रेस शबाना आजमी ने इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक की एक फोटोज शेयर करते हुए उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, जिसमें उन्होंने कहा कि देश को उनकी जरूरत है और छात्रों को उनका मार्गदर्शन मिलता रहे, इसके लिए उनका स्वस्थ रहना जरूरी है। एक्टर अभय देओल ने भी वांगचुक की फोटो शेयर कर उनके प्रति समर्थन जताया। तो वहीं, वरुण ग्रोवर ने सोशल मीडिया X पर लंबा पोस्ट लिखते हुए आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अहिंसक आंदोलनों के सामने सत्ता की संवेदनशीलता और समाज की भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
ये आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी मांग है कि NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। आंदोलन से जुड़े लोगों ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की भी घोषणा की है।
Updated on:
15 Jul 2026 05:15 pm
Published on:
15 Jul 2026 05:15 pm
